0

हरिद्वार अर्धकुंभ 2027: कांगड़ा घाट का होगा विस्तार, शासन को भेजा प्रस्ताव

By Dec 7, 2025

हरिद्वार में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले अर्धकुंभ की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में, हरकी पैड़ी क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक कांगड़ा घाट का विस्तार किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य अर्धकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करना, गंगा स्नान को अधिक सुगम बनाना और समग्र व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करना है।

इस महत्वपूर्ण विस्तार कार्य के लिए दो प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। पहले प्रस्ताव के तहत लगभग 1313 वर्गमीटर भूमि का अधिग्रहण करने की कार्ययोजना शामिल है। दूसरे प्रस्ताव में कांगड़ा घाट के विस्तारीकरण और सुंदरीकरण की विस्तृत योजना का उल्लेख है। इस परियोजना के तहत, ऐतिहासिक कांगड़ा मंदिर को यथावत रखा जाएगा, लेकिन कांगड़ा हाउस सहित तीन प्रमुख परिसंपत्तियों का अधिग्रहण किया जाएगा।

हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कारिडोर परियोजना का हिस्सा यह विस्तार कार्य, अर्धकुंभ 2027 के लिए एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक कदम है। इसके पूरा होने से मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, रामनवमी, चैत्र पूर्णिमा और कांवड़ यात्रा जैसे बड़े स्नान पर्वों के दौरान श्रद्धालुओं को अधिक खुला, सुरक्षित और व्यवस्थित घाट व मार्ग उपलब्ध हो सकेगा। कांगड़ा घाट, हरकी पैड़ी से भीमगोड़ा-खड़खड़ी क्षेत्र तक तीर्थ पथ को जोड़ने वाला सबसे लंबा घाट है, जो अक्सर इन पर्वों के दौरान अत्यधिक दबाव झेलता है। यह घाट मूल रूप से हिमाचल के कांगड़ा के राजा द्वारा बनवाया गया था, जिसके साथ ही कांगड़ा मंदिर और कांगड़ा हाउस का भी निर्माण हुआ था।

प्रस्तावित विस्तार में कांगड़ा मंदिर को कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन कांगड़ा हाउस, बृजलाज, कपूरथला हाउस और कुछ दुकानों के प्रभावित होने की संभावना है। मेला प्रशासन का कहना है कि घाट के विस्तार से हरकी पैड़ी क्षेत्र में अतिरिक्त खुला स्थान मिलेगा, जो पर्वों और कांवड़ यात्रा के दौरान भीड़ नियंत्रण में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 के कुंभ मेले के दौरान भी कांगड़ा घाट के विस्तार के लिए अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू की गई थी और मुआवजा भी निर्धारित कर दिया गया था, लेकिन यह मामला न्यायालय में जाने के कारण अधूरी रह गई थी। अब इस प्रक्रिया को नए सिरे से प्रारंभ किया जा रहा है।

अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने बताया कि भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। जैसे ही शासन से स्वीकृति प्राप्त होगी, भूमि अधिग्रहण और निर्माण की प्रक्रिया तत्काल शुरू कर दी जाएगी। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ओमजी गुप्ता के अनुसार, कांगड़ा घाट के विस्तारीकरण और सुंदरीकरण के लिए लगभग 2.81 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर मेला प्रशासन के माध्यम से शासन को भेजा गया है। इस प्रस्ताव में घाट को चौड़ा करने, सीढ़ियों के पुनर्निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और अन्य यात्री सुविधाओं के विस्तार का प्रावधान है।

About

Journalist covering latest updates.

अगली खबरें

बेटे-बेटी की संवेदनहीनता: तीन दिन से हरिद्वार में पड़ा है पिता का शव

हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक बुजुर्ग की मौत के बाद उसके परिजन असंवेदनशीलता की मिसाल पेश कर रहे हैं। रेलवे पुलिस (जीआरपी) के लिए यह...
By Dec 7, 2025

यूकेएसएसएससी पेपर लीक: सीबीआइ ने प्रोफेसर सुमन से की पूछताछ, चार्जशीट की तैयारी

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय परीक्षा के पर्चा लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने निलंबित असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को गिरफ्तार कर दो दिन की कस्टडी रिमांड पर लिया है।...
By Dec 7, 2025

साझा करें