हर 10 मिनट में एक महिला की हत्या: UN की रिपोर्ट ने जगाया चिंता की लहर
संयुक्त राष्ट्र की एक हालिया रिपोर्ट ने महिलाओं के खिलाफ हिंसा के भयावह आंकड़े पेश किए हैं, जो दुनिया भर में चिंता की लहर दौड़ा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हर दस मिनट में एक महिला या लड़की अपने सबसे करीबी यानी साथी या परिवार के सदस्य द्वारा मौत के घाट उतारी जाती है। यह दर्दनाक सच्चाई प्रतिदिन औसतन 137 हत्याओं के बराबर है।
संयुक्त राष्ट्र के ड्रग्स और अपराध कार्यालय (यूएनओडीसी) और यूएन विमेन द्वारा जारी की गई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि फेमिसाइड (महिलाओं की हत्या) एक गंभीर वैश्विक समस्या बनी हुई है। पिछले वर्ष अकेले 83,000 महिलाओं और लड़कियों की हत्या हुई, जिनमें से चिंताजनक रूप से 60 प्रतिशत यानी लगभग 50,000 अपने प्रियजनों के हाथों मारी गईं। इसके विपरीत, पुरुषों की हत्याओं में यह आंकड़ा केवल 11 प्रतिशत है, जो दर्शाता है कि महिलाओं के लिए घर अक्सर सबसे असुरक्षित स्थान बन जाता है।
यूएनओडीसी के कार्यकारी निदेशक ने इस बात पर जोर दिया कि घर कई महिलाओं और लड़कियों के लिए एक खतरनाक और जानलेवा जगह बन गया है। उन्होंने महिलाओं की हत्याओं को रोकने के लिए बेहतर रोकथाम रणनीतियों और न्याय प्रणाली में सुधार की तत्काल आवश्यकता बताई।
रिपोर्ट में डिजिटल हिंसा के बढ़ते खतरे को भी उजागर किया गया है। यूएन विमेन की नीति विभाग की निदेशक ने बताया कि ऑनलाइन होने वाली हिंसा ऑफलाइन भी बढ़ सकती है और सबसे गंभीर मामलों में यह हत्या तक ले जाती है। यह समस्या दुनिया के हर क्षेत्र में महिलाओं और लड़कियों को प्रभावित कर रही है।
आंकड़ों के अनुसार, करीबी साथी या परिवार के सदस्य द्वारा फेमिसाइड की सबसे अधिक दर अफ्रीका में देखी गई है, जहाँ प्रति 1,00,000 महिला जनसंख्या पर 3 हत्याएं होती हैं। इसके बाद अमेरिका (1.5), ओशिनिया (1.4), एशिया (0.7) और यूरोप (0.5) का स्थान आता है। हालांकि, महिलाओं की हत्याएं घर के बाहर भी होती हैं, लेकिन उन पर विस्तृत आंकड़े सीमित हैं। यह रिपोर्ट महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण और तत्काल कार्रवाई की मांग करती है।
