0

हिमाचल में अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई: 1108 मामले दर्ज, 1.80 करोड़ जुर्माना वसूला

By Dec 2, 2025

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में अवैध खनन के विरुद्ध अपनी मुहिम तेज कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनवरी 2023 से लेकर इस वर्ष 31 जुलाई तक अवैध खनन के कुल 1108 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में से 711 मामलों में विभाग ने सफलतापूर्वक 1.80 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला है।

इसके अतिरिक्त, 395 मामलों को कानूनी कार्रवाई के लिए अदालतों में भेजा गया है। अदालतों ने इन लंबित मामलों में से 128 मामलों में अब तक कुल 57 करोड़ 72 लाख 500 रुपये का भारी जुर्माना लगाया है, जबकि शेष 269 मामले अभी भी विचाराधीन हैं। सरकार ने यह जानकारी विधायक केवल सिंह पठानिया द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में सदन को दी।

अवैध खनन पर अंकुश लगाने के प्रयासों के तहत, विभाग ने इस अवधि के दौरान 99 जेसीबी मशीनों और 7 अन्य वाहनों को भी जब्त किया है, जो अवैध खनन गतिविधियों में संलिप्त पाए गए थे।

राज्य सरकार ने यह भी बताया कि खनन नीति में किए गए बदलावों के कारण राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में खनन से 241.57 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। यह आंकड़ा वित्तीय वर्ष 2023-24 में बढ़कर 314.42 करोड़ रुपये हो गया। चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में 22 नवंबर तक 196.07 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है, और 2025-26 के लिए 354.46 करोड़ रुपये का अनुमानित लक्ष्य रखा गया है।

खनन नीति के तहत, सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्टोन क्रशर संचालित करने के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति लेना अनिवार्य नहीं है। हालांकि, खनन पट्टा जारी करने के लिए पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त करना आवश्यक है। वर्तमान में, प्रदेश में कुल 633 खनन पट्टे स्वीकृत हैं। स्टोन क्रशर को लीज पर देने का कोई प्रावधान नहीं है, बल्कि क्रशर चलाने के लिए केवल वैध खनन पट्टा और खनिज के स्रोत का प्रमाण आवश्यक है।

About

Journalist covering latest updates.

साझा करें