गोविंदा ने ‘लेट-लतीफी’ के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी, बॉलीवुड की राजनीति पर भड़के, Amitabh Bachchan का नाम लेकर कही बड़ी बात
बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान फिल्म इंडस्ट्री में अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग जानबूझकर उनका करियर बर्बाद करने की कोशिश कर रहे थे। गोविंदा ने ऐसे लोगों की तुलना डेंगू के मच्छरों से की और कहा कि जिस तरह मच्छर बिना किसी वजह के नुकसान पहुंचाते हैं, वैसे ही कुछ लोग बिना कारण दूसरों के करियर को खराब करने की कोशिश करते हैं। इस बातचीत में उन्होंने अमिताभ बच्चन, सलमान खान और संजय दत्त जैसे बड़े सितारों का भी जिक्र किया।
गोविंदा ने अपने ऊपर लगे ‘लेट-लतीफी’ के आरोपों पर भी खुलकर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनके बारे में यह धारणा बनाई गई कि वह हमेशा देर से आते हैं, जबकि सच्चाई कुछ और है। गोविंदा ने अमिताभ बच्चन का नाम लेते हुए कहा कि वह हमेशा समय के पाबंद रहे हैं और सेट पर समय से पहुंचते थे, फिर भी उन्हें 15 साल तक काम से दूर रखा गया। उन्होंने अपने हाव-भाव में कहा कि कुछ लोगों ने जानबूझकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की ताकि उन्हें कम काम मिले और वह इंडस्ट्री छोड़ दें।
इंटरव्यू के दौरान गोविंदा काफी भावुक और गुस्से में नजर आए। उन्होंने कहा कि अगर कोई उन्हें और परेशान करेगा तो वह खुलकर जवाब देने से नहीं हिचकिचाएंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने अब तक बहुत कुछ सहा है, लेकिन हर चीज की एक सीमा होती है। अगर वह अपनी जिंदगी पर कोई किताब लिखेंगे तो लोगों को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं होगा।
गोविंदा ने यह भी कहा कि बॉलीवुड की राजनीति ने उनके करियर को बहुत नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में प्रतिभा से ज्यादा ग्रुपिज्म और रिश्ते काम करते हैं। कुछ लोग नहीं चाहते थे कि वह आगे बढ़ें, इसलिए उनके खिलाफ झूठी कहानियां फैलाई गईं। गोविंदा का मानना है कि उन्होंने हमेशा अपने काम और दर्शकों के प्यार पर भरोसा किया, लेकिन इंडस्ट्री के अंदर चल रही साजिशों ने उन्हें मानसिक रूप से बहुत परेशान किया।
अपनी निजी जिंदगी के बारे में बात करते हुए गोविंदा ने कहा कि उन्होंने अपने परिवार के लिए कई बड़े फैसले लिए। उन्होंने अपने बेटे यश के लिए राजनीति भी छोड़ दी। गोविंदा ने कहा कि अगर वह आज अपनी जिंदगी को पीछे मुड़कर देखते हैं, तो समझते हैं कि उन्होंने कितने उतार-चढ़ाव देखे हैं। इसके बावजूद, उन्हें इस बात का संतोष है कि उन्होंने हमेशा दिल से फैसले लिए और कभी भी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया।
