यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने को सरकार सख्त, 8033 केंद्रों पर होगी लाइव मॉनिटरिंग
उत्तर प्रदेश में आगामी यूपी बोर्ड परीक्षा को पूरी तरह से नकल विहीन और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने लखनऊ स्थित माध्यमिक शिक्षा निदेशक के शिविर कार्यालय में एक अत्याधुनिक राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। यह कंट्रोल रूम 18 फरवरी से 12 मार्च तक चलने वाली 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के दौरान सभी गतिविधियों पर पैनी नजर रखेगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अनुचित साधनों के प्रयोग पर प्रभावी अंकुश लगाना और परीक्षा की पवित्रता बनाए रखना है।
इस वर्ष की बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रदेश भर में कुल 8033 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 596 राजकीय, 3453 अशासकीय सहायता प्राप्त और 3984 स्ववित्त पोषित माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। नकल पर लगाम लगाने के लिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र के प्रत्येक कक्ष में वॉयस रिकॉर्डर युक्त दो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही, राउटर, डीवीआर और हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्शन की व्यवस्था भी की गई है, जिसके माध्यम से पूरी परीक्षा अवधि की वेबकास्टिंग के जरिए लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी।
सरकार ने 18 जिलों को संवेदनशील और 222 केंद्रों को अति संवेदनशील चिन्हित किया है। इन अति संवेदनशील केंद्रों का दिन में दो बार निरीक्षण करने के निर्देश मंडलीय अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को दिए गए हैं, ताकि प्रश्नपत्र लीक होने की किसी भी संभावना को खत्म किया जा सके। परीक्षा की निगरानी के लिए एसटीएफ और स्थानीय अभिसूचना इकाई को भी सक्रिय रखा गया है। इस वर्ष हाईस्कूल और इंटरमीडिएट को मिलाकर कुल 53,37,778 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। छात्रों और अभिभावकों की समस्याओं के समाधान के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों के साथ-साथ ईमेल, फेसबुक और व्हाट्सएप जैसी डिजिटल संपर्क सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे जनता से प्राप्त सुझावों और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। यह सुनिश्चित करेगा कि सभी छात्रों को एक निष्पक्ष और समान अवसर मिले।
