गोल्ड मेडलिस्ट छात्र ने की आत्महत्या, सरकारी नौकरी न मिलने से था परेशान | Kanpur News
कानपुर के गुजैनी निवासी मेधावी छात्र आनंद कुमार ने शुक्रवार को अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने पिछले साल बीटेक में प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले आनंद को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया था। यह घटना युवाओं के बीच सरकारी नौकरी पाने के बढ़ते दबाव और उससे जुड़े मानसिक तनाव को उजागर करती है।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और साक्ष्यों को एकत्र किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। कमरे से बरामद सुसाइड नोट में आनंद ने लिखा है कि सरकारी नौकरी के लिए उसने बहुत प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका, जिसके लिए उसने माफी मांगी है। मूल रूप से बिहार के बक्सर निवासी राजकुमार का परिवार कई वर्षों से गुजैनी में रह रहा है। आनंद ने पीएसआईटी से बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी।
गोविंद नगर थाना प्रभारी अशोक कुमार दुबे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि छात्र ने नौकरी न मिलने के कारण यह कदम उठाया है। पुलिस सुसाइड नोट और अन्य सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है। इस घटना ने शिक्षा और रोजगार के बीच के तनावपूर्ण संबंध पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
