कानपुर गैंग का कजाखिस्तान कनेक्शन: फर्जी मार्कशीट का खेल, एक लिंक से खुला राज
कानपुर पुलिस ने फर्जी मार्कशीट और सरकारी दस्तावेज बनाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसका तार कजाखिस्तान से जुड़ा हुआ है। गिरोह के सदस्य एक विशेष लिंक और आईडी-पासवर्ड का इस्तेमाल करके चंद मिनटों में विभिन्न प्रकार के सरकारी दस्तावेज और मार्कशीट तैयार करते थे। यह गिरोह ई-डिस्ट्रिक्ट सहित आठ फर्जी पोर्टलों का उपयोग कर रहा था।
गिरोह का मास्टरमाइंड, आनंदेश्वर ऑनलाइन कैफे का संचालक तेजस पाल, कजाखिस्तान से संचालित व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ा था। इसी ग्रुप के माध्यम से उसे डीबीडब्ल्यू जैसे पोर्टलों की आईडी और पासवर्ड मिलते थे। इन पोर्टलों का उपयोग करके, वे मात्र 2 से 10 मिनट में स्नातक, परास्नातक की डिग्री, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार कर लेते थे। इसके लिए वे 17 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की वसूली करते थे।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, दिल्ली, हरियाणा सहित देश के कई राज्यों के शिक्षा बोर्ड की मार्कशीट भी तैयार करता था। टेलीग्राम और व्हाट्सऐप ग्रुप की जांच में यूपी के अलावा मध्य प्रदेश, बिहार, जम्मू कश्मीर, आंध्र प्रदेश और असम के मोबाइल नंबर भी जुड़े पाए गए हैं। गिरोह के सदस्यों के पास से कल्याणपुर विधायक सहित कई अधिकारियों की मुहरें भी बरामद हुई हैं, जिनका इस्तेमाल वे दस्तावेजों को असली दिखाने के लिए करते थे। यह गिरोह लोगों की निजी जानकारी का दुरुपयोग कर रहा था, जिससे आम जनता की निजता को खतरा था।
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