घने कोहरे का कहर: कानपुर में ट्रेनें 15 घंटे तक लेट, सैकड़ों यात्री परेशान
उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर अब रेल सेवाओं पर भी दिखने लगा है। कानपुर में कोहरे की चादर के कारण ट्रेनों की रफ्तार काफी धीमी हो गई है, जिसके चलते कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 15 घंटे तक पीछे चल रही हैं। इस देरी के कारण यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सर्दी के मौसम में घने कोहरे के चलते रेलवे प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया है। विशेष रूप से लंबी दूरी की ट्रेनों पर कोहरे का सबसे अधिक प्रभाव पड़ रहा है। ट्रेनें औसतन पांच से 14 घंटे तक विलंबित हो रही हैं, जिससे यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाओं में बदलाव करना पड़ रहा है। कई यात्रियों ने तो कोहरे की मार झेलने के बजाय अपनी यात्रा ही रद्द कर दी। बीते शनिवार को अकेले कानपुर से लगभग 973 यात्रियों ने अपनी टिकट रद्द कराई।
विलंबित होने वाली ट्रेनों में ट्रेन संख्या 04098 नई दिल्ली-हसनपुर रोड विशेष ट्रेन 15 घंटे की देरी से चली। इसके अलावा, अमृतसर-किशनगंज विशेष आठ घंटे, रक्सौल-उधना विशेष 11 घंटे, पाटलिपुत्र-आनंद विहार विशेष (04095) 11 घंटे, हसनपुर रोड-ई दिल्ली विशेष (04097) आठ घंटे, अमृतसर-किशनगंज विशेष (05733) आठ घंटे, और बरौनी-नई दिल्ली विशेष (02563) छह घंटे की देरी से कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंची।
यात्रियों को ट्रेनों की अद्यतन स्थिति जानने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई यात्री अपने मोबाइल पर रेलवे के ऐप के माध्यम से ट्रेनों की लोकेशन और आगमन-प्रस्थान का समय पता कर रहे हैं, जबकि स्टेशन पर पहुंचे यात्री पूछताछ काउंटर पर जानकारी जुटाते नजर आए। स्टेशन पर लगी बड़ी स्क्रीन पर भी ट्रेनों के आने का अनुमानित समय प्रदर्शित किया जा रहा है। जिन यात्रियों की ट्रेनें अत्यधिक विलंबित हुईं, उन्होंने वैकल्पिक साधनों से यात्रा करने या यात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया।
यह कोहरे का प्रभाव ही है कि ट्रेनों के संचालन में अप्रत्याशित बाधाएं आ रही हैं। हाल के दिनों में कानपुर में ट्रेन के इंजन में ओएचई केबल में स्पार्किंग, अहमदाबाद से दरभंगा स्पेशल ट्रेन का डेढ़ घंटे खड़ा रहना और ट्रेन के इंजन में गोवंश के फंसने जैसी घटनाएं भी यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनीं, जिससे ट्रेनों का आवागमन बाधित हुआ।
