गोरखपुर: मां की मौत, शव से लिपटकर रोता रहा मासूम, परिवार ने ठुकराया
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में गुरुवार सुबह एक हृदय विदारक घटना सामने आई, जहां एक मां की मौत के बाद उसका चार वर्षीय मासूम बच्चा अस्पताल के वार्ड में मां के शव से लिपटकर रोता मिला। इस मार्मिक दृश्य को देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी और अस्पताल के कर्मचारी भी कुछ क्षण के लिए स्तब्ध रह गए। बच्चे की चीखें सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
सिद्धार्थनगर जिले के अनूप नगर की निवासी 30 वर्षीय अनीता देवी को 19 अक्टूबर की सुबह पेट में गंभीर इंफेक्शन के कारण ट्रामा सेंटर के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। लगभग 20 दिनों तक उनका उपचार चला, लेकिन गुरुवार सुबह लगभग आठ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। अस्पताल प्रशासन ने इसकी सूचना गुलरिहा थाना पुलिस को दी।
पुलिस जब पंचनामा के लिए वार्ड में पहुंची, तो उन्हें बच्चा मां के शव पर सिर रखकर रोता मिला। जांच में सामने आया कि बच्चे का पिता गोलू मानसिक रूप से अस्वस्थ है और अनीता उसकी दूसरी पत्नी थी। पुलिस ने जब परिवार के लोगों से संपर्क किया, तो उन्होंने शव ले जाने और बच्चे को साथ रखने से साफ इनकार कर दिया। गांव वालों ने बताया कि गोलू अनीता को अपने गांव नहीं लाता था और उसे अस्पताल में भर्ती कराने के बाद वह वापस बीआरडी भी नहीं आया। परिजनों ने यह भी बताया कि गोलू मजदूरी करने दिल्ली चला गया है और उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे न तो शव का अंतिम संस्कार कर सकते हैं और न ही बच्चे की जिम्मेदारी उठा सकते हैं।
मानवीय संवेदनहीनता के इस मामले के बाद गुलरिहा पुलिस ने तत्काल बच्चे को चाइल्ड लाइन भेज दिया, ताकि उसकी देखभाल सुनिश्चित की जा सके। गुलरिहा थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया, “महिला के मायके और अन्य परिजनों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि उनसे संपर्क कर अंतिम संस्कार और बच्चे के भविष्य को लेकर कोई उचित निर्णय लिया जा सके।” यह घटना समाज में मानवीय मूल्यों और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
