गणित के धुरंधर प्रो. केसी सिन्हा चुनावी रण में फिसले, सियासी राह कठिन
पटना: गणित की जटिल गुत्थियों को चुटकियों में सुलझाने वाले प्रख्यात शिक्षाविद् और गणितज्ञ प्रो. केसी सिन्हा चुनावी समीकरणों को साधने में असफल रहे। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में पटना जिले की कुम्हरार सीट से जन सुराज पार्टी के टिकट पर पहली बार चुनावी मैदान में उतरे प्रो. सिन्हा को करारी हार का सामना करना पड़ा और वे तीसरे स्थान पर रहे।
प्रो. केसी सिन्हा की पहचान देश के जाने-माने गणित विशेषज्ञों में होती है। वे नालंदा खुला विश्वविद्यालय के कुलपति रह चुके हैं, साथ ही उन्होंने पटना विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति का दायित्व भी संभाला है। स्वयं एमएससी में गोल्ड मेडलिस्ट रहे प्रो. सिन्हा ने 1990 में पीएचडी की डिग्री हासिल की। उनके पढ़ाए हुए अनगिनत विद्यार्थी आज देश-विदेश में बड़े-बड़े पदों पर आसीन हैं। उनकी कक्षाओं में विद्यार्थियों की भीड़ लगी रहती थी, जो उनकी लोकप्रियता और शिक्षण कौशल का प्रमाण है।
शिक्षा के क्षेत्र में अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले प्रो. सिन्हा का अचानक राजनीति में कदम रखना सभी के लिए हैरानी का विषय बन गया। उन्होंने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में कुम्हरार सीट से जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर अपनी किस्मत आजमाई। यह उनका पहला राजनीतिक अनुभव था। हालांकि, उन्होंने चुनाव जीतने के लिए अथक प्रयास किए, लेकिन वे कुम्हरार विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का दिल जीतने में नाकाम रहे। उन्हें मात्र 15017 मत प्राप्त हुए और वे तीसरे स्थान पर रहे।
कुम्हरार विधानसभा में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला। इस सीट से भाजपा के उम्मीदवार संजय कुमार गुप्ता ने 100485 वोट प्राप्त कर शानदार जीत दर्ज की। वहीं, कांग्रेस के उम्मीदवार इंद्रदीप कुमार चंद्रवंशी 52961 मतों के साथ दूसरे नंबर पर रहे। प्रो. सिन्हा की हार राजनीतिक अनुभव की कमी और मतदाताओं से सीधे संपर्क स्थापित करने में असमर्थता को मुख्य कारण माना जा रहा है।
गणित के क्षेत्र में अपनी धाक जमाने वाले प्रो. सिन्हा के लिए चुनावी राजनीति का मैदान बिल्कुल नया था। एक अकादमिक पृष्ठभूमि से आने वाले व्यक्ति के लिए जनसंपर्क और चुनावी रणनीति का अभाव भारी पड़ा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्रो. केसी सिन्हा राजनीति में बने रहने का फैसला करते हैं, या वे एक बार फिर अपने प्रिय क्षेत्र, गणित की दुनिया में लौटकर अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन करेंगे।
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