गाजा में मरने वालों का आंकड़ा 70 हजार पार, इजरायली सेना का हमास पर शिकंजा जारी
गाजा में जारी संघर्ष के बीच, युद्धविराम की घोषणा के बावजूद फलस्तीनी नागरिकों की मौत का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सूत्रों के अनुसार, शनिवार को इजरायली सेना की कार्रवाई में रफाह के भूमिगत ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें नौ हमास लड़ाके मारे गए।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब युद्धविराम को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास जारी हैं। इसके अलावा, एक अलग स्थान पर हुई गोलीबारी में दो बच्चों की जान चली गई। बमबारी से तबाह हुई इमारतों के मलबे से लगातार शव बरामद किए जा रहे हैं, जो युद्ध की भयावहता को दर्शाते हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया है कि युद्ध में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 70,100 हो गई है।
मंत्रालय के अनुसार, 10 अक्टूबर को युद्धविराम लागू होने के बाद से अब तक इजरायली गोलीबारी में 354 फिलिस्तीनी अपनी जान गंवा चुके हैं। पिछले 48 घंटों में गाजा पट्टी के अस्पतालों में दो और शव लाए गए हैं, जिनमें से एक को मलबे के नीचे से निकाला गया है। यह स्थिति गाजा में गहरे मानवीय संकट की ओर इशारा करती है।
गाजा युद्ध की शुरुआत 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजरायल पर किए गए अचानक हमले से हुई थी। इस हमले में 1,221 इजरायली नागरिक मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। हमास ने अब तक सभी जीवित बंधकों को रिहा कर दिया है और 26 मृत बंधकों के अवशेष लौटा दिए हैं। इसके जवाब में, इजरायल ने अपनी हिरासत में रखे गए लगभग 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया है और सैकड़ों फिलिस्तीनी शवों को भी लौटाया है।
इजरायली शहरों पर हमास के हमले के बाद इजरायल ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर गाजा पर सैन्य अभियान शुरू किया था। इस लंबी लड़ाई के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति की शांति योजना के तहत इसी वर्ष 10 अक्टूबर को गाजा में युद्धविराम लागू हुआ था। हालांकि, मलबे के नीचे से शवों की तलाश का काम अभी भी जारी है, जो इस संघर्ष की अनसुलझी त्रासदियों का प्रतीक है।
