होटल के बिल में जबरन सर्विस चार्ज वसूलना पड़ा भारी, शांगरी-ला इरोस पर एक लाख का जुर्माना | national news
ग्राहकों की अनुमति के बिना खानपान के बिल में अतिरिक्त शुल्क वसूलने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण यानी सीसीपीए ने नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित शांगरी-ला इरोस होटल के रेस्तरां ‘मिस्टर चाय’ पर एक लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। यह कार्रवाई तब की गई जब रेस्तरां प्रबंधन द्वारा ग्राहकों के बिल में बिना पूछे चुपचाप दस प्रतिशत सर्विस चार्ज जोड़े जाने की शिकायतें सामने आईं।
प्राधिकरण और देश की उच्च अदालतों के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के मुताबिक, बिल में सेवा शुल्क का जुड़ना पूरी तरह से वैकल्पिक होना चाहिए। इसे डिफ़ॉल्ट रूप से उपभोक्ताओं पर थोपा नहीं जा सकता है। इस तरह की जबरिया वसूली को रोकने के लिए ग्राहकों को खुद आगे आकर इसे हटाने का आग्रह करना पड़ता है, जिसे नियामक ने पूरी तरह अवैध करार दिया है। इस फैसले से उन तमाम ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है जो अक्सर रेस्तरां में इस तरह की छिपी हुई लागत से परेशान होते हैं।
मामले के तूल पकड़ने के बाद होटल प्रबंधन ने अपनी बिलिंग प्रणाली की गहन समीक्षा की है। होटल के प्रवक्ता के अनुसार, नियमों का पालन करते हुए एक अक्टूबर से होटल की सभी सेवाओं में सर्विस चार्ज को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। साथ ही, नियामक ने आदेश प्राप्ति के पंद्रह दिनों के भीतर जुर्माने की राशि जमा करने और अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का सख्त निर्देश दिया है।
गौरलतब है कि उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए वर्ष 2022 में ही कड़े दिशानिर्देश जारी किए गए थे। इसके तहत रेस्तरां और होटलों को यह हिदायत दी गई थी कि वे बिल में अपनी मर्जी से सेवा शुल्क नहीं जोड़ सकते और न ही इसे किसी अन्य नाम से छिपा सकते हैं। ग्राहकों को यह स्पष्ट रूप से बताना अनिवार्य है कि टिप या सर्विस चार्ज देना पूरी तरह से उनकी अपनी इच्छा पर निर्भर है।
