गर्मी में बिजली संकट: सीएम योगी ने बिजली मंत्री और अफसरों को दिए अहम निर्देश, फीडर वाइज मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय करने पर जोर
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के कारण बिजली की बढ़ती मांग और आपूर्ति में आ रही दिक्कतों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने राजधानी लखनऊ से लेकर छोटे जिलों तक में बिजली की स्थिति की समीक्षा की और व्यवस्था को सुधारने के लिए कई अहम निर्देश दिए। मुख्यमंत्री का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आमजन, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को बिजली संकट का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी स्तरों पर बिजली आपूर्ति की सतत मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने विशेष रूप से फीडर वाइज मॉनिटरिंग पर जोर दिया और कहा कि हर फीडर की निगरानी के साथ-साथ जवाबदेही भी तय की जाए। इससे किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में राज्य की विद्युत उत्पादन क्षमता को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन इकाइयों की अधिकतम क्षमता का उपयोग करने और सभी संयंत्रों में तकनीकी दक्षता व रखरखाव को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्रांसमिशन नेटवर्क को भी अधिक मजबूत, आधुनिक और भरोसेमंद बनाने पर जोर दिया ताकि तकनीकी बाधाओं को कम किया जा सके।
ऊर्जा विभाग की ओर से प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़कर 13,388 मेगावाट हो गई है, जिसमें तापीय और जल विद्युत परियोजनाओं का योगदान शामिल है। इसके अतिरिक्त, संयुक्त उपक्रमों और गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से भी बिजली उत्पादन हो रहा है। वर्ष 2026 तक उत्पादन निगम की स्थापित क्षमता में 86 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने वितरण व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और उपभोक्ता केंद्रित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर खराब होने, फीडर बाधित होने या शिकायत निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। आंधी-तूफान और अत्यधिक तापमान जैसी परिस्थितियों में त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम को सक्रिय रखने का भी निर्देश दिया गया।
भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी संभावित स्रोतों से बिजली की खरीद और आपूर्ति प्रबंधन को सुदृढ़ करने के साथ-साथ दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने उपभोक्ता सेवाओं को तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री और राज्य मंत्री को हेल्पलाइन कॉल सेंटर का भौतिक निरीक्षण कर व्यवस्था की पड़ताल करने का भी निर्देश दिया, ताकि उपभोक्ताओं को समयबद्ध और सही जानकारी मिल सके।
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