बिजली कनेक्शन हुआ महंगा: नए नियम से उपभोक्ताओं पर बढ़ा बोझ, 1500 रुपये अफोर्डिंग चार्ज लागू
उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को नए कनेक्शन के लिए अब अधिक भुगतान करना होगा। विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी नई कास्ट डाटा बुक के अनुसार, उपभोक्ताओं को अपने परिसर से 100 मीटर की दूरी तक के लिए 1500 रुपये का अफोर्डिंग चार्ज देना अनिवार्य कर दिया गया है। यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है क्योंकि पहले यह सुविधा 40 मीटर की दूरी तक मुफ्त थी, जिसके बाद एस्टीमेट बनता था।
नई व्यवस्था के तहत, चाहे पोल से घर की दूरी 10 मीटर हो या 30 मीटर, उपभोक्ताओं को अब 100 मीटर तक की दूरी के लिए 1500 रुपये लाइन अफोर्डिंग चार्ज के रूप में जमा करने होंगे। इस शुल्क के अतिरिक्त, एक से दो किलोवाट लोड वाले कनेक्शन के लिए प्रोसेसिंग फीस को भी दोगुना कर दिया गया है। पहले जहां इसके लिए 100 रुपये लगते थे, वहीं अब 200 रुपये जमा करने होंगे।
इस नए नियम का असर उपभोक्ताओं पर दिखना शुरू हो गया है। हाल ही में, एक उपभोक्ता को उनके परिसर से मात्र 10 मीटर दूर स्थित पोल के लिए 1500 रुपये अफोर्डिंग चार्ज, 855 रुपये लाइन चार्ज और 2800 रुपये मीटर कास्ट का भुगतान करना पड़ा। इसी तरह, एक कॉमर्शियल कनेक्शन के मामले में, 30 मीटर की दूरी के लिए 3500 रुपये ‘अफोर्डेबल एस्टीमेट कॉस्ट’ के रूप में वसूले गए, जिसे झटपट पोर्टल पर ‘अदर चार्जेज’ के तहत दिखाया गया है।
हालांकि, इस फैसले से लंबी दूरी वाले उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने सुझाव दिया है कि 40 मीटर तक पुरानी व्यवस्था को बहाल रखा जाए और उससे अधिक दूरी पर ही अफोर्डिंग चार्ज वसूला जाए। इस बदलाव से बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया में खर्च बढ़ गया है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
