मौसम में बदलाव से बढ़ीं बीमारियां, सर्दी-खांसी और पेट दर्द के मामले बढ़े
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और बढ़ती उमस का असर लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। इसके परिणामस्वरूप, सरकारी व निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। चिकित्सकों के अनुसार, इन दिनों वायरल बुखार, सर्दी-खांसी, गले में संक्रमण, सिरदर्द और शरीर दर्द जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीज बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसके अतिरिक्त, दूषित पानी और खानपान के कारण पेट दर्द, दस्त और उल्टी के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
मौसम में अचानक बदलाव होने पर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग इस मौसम में विशेष रूप से अधिक प्रभावित होते हैं। ओपीडी में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। उमस और गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन व थकान की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। मरीजों के अलावा तीमारदारों को साफ और ताजा भोजन करने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने व खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी जा रही है।
बारिश और उमस के मौसम में मच्छरों से होने वाली डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए घरों के आसपास पानी जमा न होने देने की अपील की जा रही है। लोगों को बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह अवश्य लेने की हिदायत दी जा रही है। यह स्थिति आम जनता के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है।
