DTC की मासिक आय में 37% की भारी बढ़ोतरी, 7 महीनों में कमाए 658 करोड़
दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की वित्तीय सेहत में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 के लिए डीटीसी की औसत मासिक आय बढ़कर 93.96 करोड़ रुपये हो गई है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में 68.54 करोड़ रुपये थी। यह वृद्धि लगभग 37 प्रतिशत है, जो निगम के राजस्व में एक महत्वपूर्ण उछाल का संकेत देती है।
परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने इस वित्तीय प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह वृद्धि दर्शाती है कि सरकार सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को आधुनिक और मजबूत बनाने के साथ-साथ अपने संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि डीटीसी को राजस्व अधिशेष वाला संस्थान बनाने का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
अप्रैल 2025 से अक्टूबर 2025 तक की अवधि के लिए जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, डीटीसी ने बस टिकटों की बिक्री से 220.33 करोड़ रुपये कमाए हैं। इस दौरान पिंक टिकट सब्सिडी के तहत 235.56 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। स्पेशल हायर (विशेष किराए) के माध्यम से डीटीसी की आय बढ़कर 63.40 करोड़ रुपये हो गई, जबकि बस पास की बिक्री से 36.38 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
इसके अतिरिक्त, अन्य स्रोतों से भी डीटीसी को अच्छी आय हुई है। स्क्रैप की बिक्री, फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर ब्याज, विज्ञापन शुल्क, किराया प्राप्ति और विभिन्न प्रकार की पेनल्टी से कुल 102.04 करोड़ रुपये अर्जित किए गए हैं। इन सभी स्रोतों को मिलाकर, अप्रैल से अक्टूबर 2025 तक की सात महीनों की अवधि में डीटीसी की कुल आय 658 करोड़ रुपये दर्ज की गई है।
परिवहन मंत्री ने इस प्रदर्शन को दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों का परिणाम बताया। यह वृद्धि न केवल डीटीसी के वित्तीय प्रबंधन की सफलता को उजागर करती है, बल्कि भविष्य में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए भी सकारात्मक संकेत देती है।
