डॉ. शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय को UNIDO से मिला 1.68 करोड़ का अनुदान, दिव्यांगों के लिए बनेगा अत्याधुनिक केंद्र
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के दिव्यांगजनों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। लखनऊ स्थित डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय को संयुक्त राष्ट्र संघ की विशेष एजेंसी यूनाइटेड नेशंस इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (UNIDO) से 1.68 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। यह अनुदान विश्वविद्यालय में कृत्रिम अंग एवं पुनर्वास केंद्र की स्थापना के लिए दिया गया है। इस केंद्र में अत्याधुनिक 3D प्रिंटिंग लैब स्थापित की जाएगी, जिससे दिव्यांगों को मुफ्त में उच्च गुणवत्ता वाले कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
यह पहली बार है जब विश्वविद्यालय को यूएनआईडीओ जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्था से इतना बड़ा अनुदान मिला है। अनुदान राशि इंस्टालिंब संस्था के माध्यम से प्रदान की जाएगी। हाल ही में इंस्टालिंब के वाइस प्रेसिडेंट ताकायुकी तनाका ने लखनऊ आकर विश्वविद्यालय का दौरा किया और कुलपति प्रो. संजय सिंह से मुलाकात की। विश्वविद्यालय के कार्यों से प्रभावित होकर उन्होंने यह अनुदान देने पर सहमति जताई।
कुलपति प्रो. संजय सिंह ने बताया कि जल्द ही इंस्टालिंब के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस परियोजना के तहत, घुटने के नीचे और घुटने के ऊपर कटे हुए अंगों वाले दिव्यांगजनों को अत्याधुनिक तकनीक से बने कृत्रिम अंग मुफ्त में मिलेंगे। परियोजना में मशीनों की स्थापना, विशेषज्ञ प्रशिक्षण, सर्टिफिकेशन और तकनीक को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल करना शामिल है।
यह पहल दिव्यांगजनों के पुनर्वास के क्षेत्र में नई दिशा देगी। संस्था द्वारा एक वर्ष तक प्रशिक्षित ट्रेनर भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि विश्वविद्यालय का स्टाफ पूरी तरह दक्ष हो सके। कुलपति ने कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण है कि यूएनआईडीओ जैसी संस्था सहयोग कर रही है। थ्रीडी प्रिंटिंग तकनीक से बने कृत्रिम अंग गुणवत्ता में बेहतर होंगे और अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।
