डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत के चुनाव मॉडल का हवाला देकर ‘सेव अमेरिका एक्ट’ की मांग की
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत की चुनाव प्रणाली का हवाला देते हुए ‘सेव अमेरिका एक्ट’ को पारित करने की जोरदार वकालत की है। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ने अमेरिका में वैध फोटो ID के बिना चुनाव होने पर सवाल उठाया था। इसी के मद्देनजर, ट्रम्प का मानना है कि ‘सेव अमेरिका एक्ट’ को पास करना अमेरिका के लिए आवश्यक है ताकि चुनावी सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाई जा सके।
क्या है ‘सेव अमेरिका एक्ट’?
‘सेव अमेरिका एक्ट’ एक प्रस्तावित विधेयक है जिसका लक्ष्य अमेरिका में मतदाता पंजीकरण और मतदान से जुड़े नियमों को कड़ा करना है। इसके तहत, मतदाता पंजीकरण के समय नागरिकता का प्रमाण और मतदान के समय फोटो ID दिखाना अनिवार्य होगा। विधेयक में डाक मतपत्रों की प्रक्रिया को भी सीमित करने का प्रस्ताव है। यह विधेयक अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से पारित हो चुका है, लेकिन सीनेट में अभी लंबित है। इस पर डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियों के बीच मतभेद हैं, जबकि ट्रम्प का दावा है कि यह चुनावी धोखाधड़ी को रोकेगा।
विवाद और अंतर्राष्ट्रीय तुलना
अमेरिका में वोटर ID को लेकर लंबे समय से राजनीतिक बहस जारी है। समर्थकों का तर्क है कि यह चुनाव की विश्वसनीयता बढ़ाएगा, जबकि विरोधी मानते हैं कि इससे उन मतदाताओं को भी परेशानी हो सकती है जिनके पास आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं। बाईपार्टिसन पॉलिसी सेंटर के अनुसार, अमेरिका में लगभग 12% पंजीकृत मतदाताओं के पास आम तौर पर स्वीकार्य दस्तावेजी प्रमाण नहीं होते हैं। दुनिया भर के देशों में फोटो ID को लेकर नियम अलग-अलग हैं। ब्रिटेन में कुछ चुनावों में फोटो ID अनिवार्य है, जबकि कनाडा में फोटो ID के अलावा अन्य मान्य दस्तावेज भी स्वीकार किए जाते हैं।
