दिल्ली मेट्रो स्टेशन बंद मामले में DMRC ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया माफीनामा | delhi news
राष्ट्रीय राजधानी में गत 10 अक्टूबर को हुए एक राजनीतिक प्रदर्शन के दौरान मेट्रो सेवाएं बाधित होने के मामले ने तूल पकड़ लिया था। इस संबंध में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सर्वोच्च न्यायालय में अपना जवाब दाखिल करते हुए बिना शर्त माफी मांग ली है। डीएमआरसी चेयरपर्सन की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि अदालत के आदेश का पूर्ण सम्मान किया जाता है, हालांकि उस दिन पूरी मेट्रो सेवा बंद नहीं की गई थी।
स्पष्टीकरण देते हुए प्रशासन ने बताया कि उस दिन कुल 303 स्टेशनों में से 258 स्टेशन पूरी तरह चालू थे और यात्रियों के लिए खुले रहे। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए केवल 45 स्टेशनों के चुनिंदा प्रवेश और निकास द्वारों पर ही अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए थे, जिन्हें रात 10 बजे के बाद पूरी तरह हटा लिया गया था। डीएमआरसी के आंकड़ों के अनुसार, उस दिन करीब 32 लाख लोगों ने मेट्रो से सफर किया, जबकि सामान्य दिनों में यह आंकड़ा काफी अधिक होता है।
सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बाधित होने से आम जनता को हुई परेशानियों को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। इस तरह के आयोजनों के दौरान राजधानी की परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और यात्रियों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए भविष्य में और अधिक पुख्ता कदम उठाए जाने की आवश्यकता है ताकि रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों का समय और श्रम सुरक्षित रह सके।
