कानपुर देहात में दिशा की बैठक: सुरक्षा के कड़े इंतजाम, विधायक नदारद, कई विभागों से रिपोर्ट तलब
कानपुर देहात में जिला निगरानी एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक कड़े सुरक्षा घेरे में संपन्न हुई। पिछली बैठकों में हुए विवादों के मद्देनजर प्रशासन ने कलेक्ट्रेट को किले में तब्दील कर दिया था, जिससे आम लोगों का प्रवेश भी वर्जित रहा। बैठक में केवल समिति के सदस्य और अधिकारी ही शामिल हुए, जबकि विधायकों ने बैठक से दूरी बनाए रखी।
सांसद देवेंद्र सिंह भोले की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विभिन्न विभागों के कामकाज की गहन समीक्षा की गई। परिवहन विभाग को वाहनों की फिटनेस और लाइसेंस से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। पौधरोपण की स्थिति पर वन विभाग के अधिकारी से जवाब मांगा गया। आंगनबाड़ी में हुई नियुक्तियों की जांच के आदेश दिए गए, साथ ही केडीए के नक्शे स्वीकृत करने और राशन कार्ड वितरण की भी समीक्षा की गई।
कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षण और रोजगार के आंकड़ों पर भी रिपोर्ट तलब की गई। सांसद ने जल निगम के कार्यों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और उनसे भी रिपोर्ट मांगी गई। पीएमजीएसवाई योजना में नई सड़कों को शामिल करने के निर्देश दिए गए। पिछली बार विवादों में रही आरती डिस्टलरी की जांच और खनन व प्रदूषण जैसे मुद्दों पर भारत सरकार से मार्गदर्शन लेने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि इन पर दिशा की बैठक में चर्चा की जा सके। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष, डीएम, एसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
