कानपुर में वकीलों का प्रदर्शन, पूर्व महामंत्री को हिरासत में लेने पर थाने का घेराव
कानपुर में एक हाई-प्रोफाइल मर्डर केस की अग्रिम विवेचना के तहत क्राइम ब्रांच ने बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी और एनआरआई सिटी के दो निदेशकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। यह मामला 2021 में हुई राजाराम वर्मा की हत्या से जुड़ा है। हिरासत की खबर मिलते ही वकीलों ने नवाबगंज थाने का घेराव कर दिया और जमकर हंगामा किया। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि पूर्व महामंत्री को रिहा नहीं किया गया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे और कचहरी में पुलिस को घुसने नहीं देंगे।
यह मामला नवाबगंज के गंगानगर सहकारी आवास समिति निवासी राजाराम वर्मा की 22 दिसंबर 2021 को हुई हत्या से संबंधित है। राजाराम वर्मा के बेटे नरेंद्र देव ने नवाबगंज थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। नरेंद्र का आरोप था कि उनके पिता की हत्या एनआरआई सिटी के अंदर और बाहर की करीब 17 बीघा जमीन के विवाद में की गई थी। हालांकि, नरेंद्र के अनुसार, पुलिस ने शुरुआत में उन लोगों को गिरफ्तार नहीं किया जिनके खिलाफ उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बजाय, पुलिस ने हत्या के आरोप में कुछ अन्य लोगों को जेल भेजा था।
राजाराम वर्मा के बेटे नरेंद्र देव ने दिसंबर 2025 में पुलिस कमिश्नर को एक प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें उन्होंने पिता की हत्या में अन्य लोगों के शामिल होने की आशंका जताई थी। पुलिस आयुक्त के आदेश पर मामले की अग्रिम विवेचना शुरू हुई। विवेचना के दौरान बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी, एनआरआई सिटी के निदेशक एसके पॉलीवाल और राजेश गुप्ता के खिलाफ भी साक्ष्य पाए गए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, एसके पॉलीवाल दिल्ली और राजेश गुप्ता लखनऊ भागने की फिराक में थे, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने उन्हें हिरासत में लिया।
देर रात तक पुलिस आयुक्त की उपस्थिति में तीनों से पूछताछ चलती रही। उधर, बार एसोसिएशन के महामंत्री अमित सिंह ने साफ कहा कि अगर राकेश तिवारी को नहीं छोड़ा गया तो सोमवार से वकील अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।
