ऊर्जा निगमों में संविदा कर्मियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष करने की मांग, 25000 कर्मचारियों की छंटनी पर रोक की अपील
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने ऊर्जा निगमों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति आयु 55 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष करने की जोरदार मांग उठाई है। समिति का तर्क है कि इससे अनुभवी और दक्ष कर्मचारियों की सेवाओं का लाभ ऊर्जा निगमों को लंबे समय तक मिलता रहेगा। इसके अतिरिक्त, समिति ने मार्च 2023 के आंदोलन के कारण हटाए गए सभी संविदा कर्मियों को तत्काल बहाल करने की भी मांग की है।
समिति ने दुर्घटना में घायल कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, तथा सभी संविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से प्रदान करने पर भी जोर दिया है। ऊर्जा मंत्री के साथ हुए समझौते और शासन के निर्देशों के अनुरूप पुनर्बहाली सुनिश्चित करने तथा कर्मचारियों पर की जा रही सभी अनुशासनात्मक व उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को वापस लेने की मांग की गई है।
यह कदम लगभग 25,000 संविदा कर्मचारियों की संभावित छंटनी को रोकने और पिछले दो वर्षों में निकाले गए कर्मचारियों को पुनः रोजगार देने के उद्देश्य से उठाया गया है। समिति ने सरकार द्वारा गठित आउटसोर्स निगम में ऊर्जा विभाग के सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को शामिल करने का प्रस्ताव दिया है, ताकि उन्हें रोजगार की स्थिरता, पारदर्शी सेवा व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा मिल सके। फेसियल अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त कर पूर्व प्रचलित पारदर्शी एवं व्यावहारिक उपस्थिति व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई है।
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