जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, संस्थापक परिवारों ने प्रशासन पर बोला हमला | delhi university news
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब और व्यापक हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ संस्थापकों के परिवारों, पूर्व छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। इस विवाद के तूल पकड़ने से शैक्षणिक संस्थानों में लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में आ गया है।
दिल्ली में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जामिया के संस्थापक परिवारों के सदस्यों ने खुलकर छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। वक्ताओं ने कहा कि जिन महान उद्देश्यों को लेकर इस संस्थान की नींव रखी गई थी, वर्तमान प्रशासनिक रवैया उसके विपरीत है। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत छात्रसंघ के अस्तित्व को अनिवार्य बताते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को दबाना संस्थान की मूल भावना के खिलाफ है।
छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय परिसर के भीतर के हालात को भयाوه करार दिया है। उनका आरोप है कि आंदोलन को कुचलने के लिए प्रशासन ने परिसर में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित कर दी है और प्रवेश द्वारों पर वेल्डिंग कराई जा रही है। प्रदर्शनकारियों का यह भी दावा है कि पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर छात्रों के व्यक्तिगत विवरण उनके परिजनों तक पहुंचा रहा है, जिससे परिवारों पर मानसिक दबाव बनाया जा सके। इस तीखे विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन पर स्थिति को बातचीत के जरिए संभालने का भारी दबाव बन गया है।
