अरुणाचल सीमा पर तनाव के बीच चीन की आई पहली प्रतिक्रिया, पेट्रोलिंग को लेकर दिया ये बयान | international news
अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच गश्त के दौरान होने वाले टकराव को लेकर ड्रैगन का रुख सामने आया है। चीनी विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा है कि दोनों देशों के बीच हुए समझौतों और महत्वपूर्ण सहमतियों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। चीन का दावा है कि उसकी सीमा गश्त पूरी तरह से नियमित और सामान्य है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय संप्रभुता और स्थिरता बनाए रखना है।
यह कूटबारी प्रतिक्रिया तब सामने आई है जब भारत के अर्धसैनिक बल के शीर्ष अधिकारी ने अरुणाचल सीमा पर सैनिकों के बीच फेस-ऑफ की स्थिति बने रहने का खुलासा किया था। इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि जब चीनी पक्ष गश्त के तय तौर-तरीकों और सहमति से हटता है, तभी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर स्थितियां तनावपूर्ण होती हैं। इस तरह के सीमाई विवादों से आम जनता और व्यापारिक गतिविधियों पर मनोवैज्ञानिक असर पड़ता है, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद की महत्ता बढ़ जाती है।
भारत और चीन के बीच कुल 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा है, जिसमें से करीब 1,126 किलोमीटर का हिस्सा अरुणाचल प्रदेश से सटा हुआ है। पूरी सीमा का स्पष्ट सीमांकन न होने के कारण दोनों देशों की धारणा में अंतर है, जिसकी वजह से गश्त के दौरान अक्सर असमंजस की स्थिति बनती है। चीनी प्रवक्ता ने उम्मीद जताई है कि दोनों देश राजनयिक और सैन्य स्तर पर संपर्क बनाए रखते हुए सीमा पर शांति और स्थिरता कायम रखने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।
