दिल्ली बनेगी देश की स्टार्टअप राजधानी, सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा एलान- जल्द आएगी नई नीति
दिल्ली को देश की स्टार्टअप राजधानी बनाने की दिशा में सरकार सक्रियता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘कैंपस टू मार्केट – दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव’ के शुभारंभ के अवसर पर यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि जल्द ही एक नई दिल्ली स्टार्टअप नीति लाई जाएगी, जिसका उद्देश्य हर युवा इनोवेटर को उसके आइडिया को एक सफल स्टार्टअप में बदलने और आत्मनिर्भर बनने के लिए सशक्त मंच प्रदान करना है। इस पहल के माध्यम से शिक्षा, कौशल और उद्यमिता को एक ही मंच पर लाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के युवा अब केवल नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बन रहे हैं। उन्होंने युवाओं से देश के लिए समाधान खोजने की भावना अपनाने का आह्वान किया, ताकि दिल्ली और भारत वैश्विक स्तर पर नवाचार (innovation) का नेतृत्व कर सकें। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने भारत को एक युवा देश बताते हुए कहा कि युवाओं की शक्ति का सही उपयोग तभी संभव है जब उन्हें आगे बढ़ने के अवसर दिए जाएं और उनकी प्रतिभा को निखारा जाए। दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकार स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक एक ऐसा इकोसिस्टम विकसित कर रही है, जिसमें कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार को केंद्र में रखा गया है।
इस महोत्सव में 11 विश्वविद्यालयों, 12 कॉलेजों और 19 आईटीआई को एक साथ जोड़ा गया है। ‘कैंपस टू मार्केट’ पहल के माध्यम से छात्रों को मेंटरशिप, फंडिंग और बाजार तक पहुंच प्रदान की जा रही है। वर्तमान में 75 हजार से अधिक छात्र और युवा उद्यमिता कार्यक्रमों से जुड़े हैं, और 470 से अधिक स्टार्टअप्स इनक्यूबेशन में कार्यरत हैं। इन छात्र-स्टार्टअप्स ने 500-600 करोड़ रुपये का राजस्व उत्पन्न किया है और औसतन 4-5 रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं। स्कूल स्तर पर भी विचारों को आर्थिक और अन्य सहायता दी जा रही है।
