मतदाता सूची में नाम जुड़वाने में हो रही देरी, लोग परेशान, चुनाव आयोग के निर्देश जारी
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर लोगों की आपत्तियां और नाम जुड़ने में लग रहे अत्यधिक समय को लेकर शिकायतें बढ़ रही हैं। जिलों से लोग मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर अपनी समस्याएं दर्ज करा रहे हैं। इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए जिलों को तत्काल निस्तारण के निर्देश भेजे जा रहे हैं।
कई नागरिकों ने अपने अनुभव साझा किए हैं। गोरखपुर के अमित मिश्रा ने बताया कि बीएलओ द्वारा सत्यापन का कार्य पूरा होने के बाद भी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) के पास फॉर्म लंबित है। अलीगढ़ के रवि कुमार ने परिवार की सदस्य शीला देवी का नाम जुड़वाने के लिए अक्टूबर में फॉर्म भरा, लेकिन अब तक नाम नहीं जुड़ा है। इसी तरह की शिकायतें कानपुर और मऊरानीपुर से भी सामने आई हैं, जहां फॉर्म-8 भरने के बावजूद नामों के स्थानांतरण या सुधार में कोई प्रगति नहीं हुई है।
इन शिकायतों के जवाब में, सीईओ कार्यालय ने सभी जिलाधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। यह स्थिति आम नागरिकों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि मतदाता सूची में नाम का न होना या गलत होना आगामी चुनावों में मतदान प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
दूसरी ओर, आयोग ने मतदाताओं से ‘बुक अ कॉल विद बीएलओ’ सुविधा का उपयोग करने की अपील की है। इसके माध्यम से मतदाता ड्राफ्ट सूची में अपना नाम देख सकते हैं, नाम जुड़वा सकते हैं और अन्य समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। voters.eci.gov.in या ecinet पोर्टल पर जाकर, मोबाइल नंबर सत्यापित कर और ओटीपी प्राप्त करने के बाद, मतदाता बीएलओ से सीधे संपर्क कर सकते हैं। बीएलओ 48 घंटे के भीतर मतदाता को फोन कर उनकी समस्या का समाधान करेंगे।
इसके अतिरिक्त, मतदाता सूची में आयु संबंधी विसंगतियों की शिकायतें भी सामने आई हैं। बिजनौर के सौरभ राठी ने मतदाता सूची में पति, पत्नी और मां की आयु में गलतियां बताईं। आजमगढ़ से नफीशा खान ने शिकायत की कि उनकी मां का नाम वर्ष 2003 की सूची में था, लेकिन वर्तमान ड्राफ्ट सूची से हटा दिया गया है।
