लखनऊ में फीस के लिए रोने वाली बिटिया को मिला सहारा, कारोबारी ने की मदद (Lucknow news)
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपनी यूपी बोर्ड परीक्षा की फीस के लिए डीएम से गुहार लगाते हुए फूट-फूटकर रोने वाली एक छात्रा की मदद के लिए अब स्थानीय लोग आगे आए हैं। छात्रा के पिता का साया उठ जाने के बाद परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था। डीएम ने पहले ही सरकारी योजनाओं के तहत मदद के निर्देश दिए थे, और अब एक प्रतिष्ठित कारोबारी ने परिवार को आर्थिक सहारा दिया है।
कल्याणपुर शंकरपुरवा में रहने वाली श्वेता मौर्या की मदद के लिए आगे आए कारोबारी संजय गुप्ता ने उन्हें सिलाई मशीन देने और प्रशिक्षण दिलाने का भरोसा दिया है। साथ ही उन्होंने घर के खर्च के लिए आर्थिक मदद भी की है। कारोबारी ने जब श्वेता मौर्या से उनके मौजूदा हालात के बारे में पूछा तो वह फफक उठीं। उन्होंने बताया कि पति की मौत के बाद उन लोगों ने भी मुंह मोड़ लिया जिनकी उन्होंने खराब वक्त में मदद की थी। तीन बेटियों की जिम्मेदारी उन पर है, जिनमें से दो स्कूल जा रही हैं और उनकी फीस बकाया है।
श्वेता ने बताया कि मकान का किराया देने और घर चलाने के लिए वह लोगों के घरों में खाना बनाने जाती हैं, लेकिन इससे भी खर्च पूरा नहीं हो पाता। श्वेता मौर्या सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कक्ष में जनता दर्शन के दौरान पहुंची थीं। उनकी बड़ी बेटी ने डीएम से गुहार लगाई थी कि बोर्ड की परीक्षा है, लेकिन फीस जमा न होने की वजह से एडमिट कार्ड नहीं मिल रहा। डीएम ने तुरंत शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बच्ची की मदद करने का निर्देश दिया था। श्वेता के पति की 2025 में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी, जिसके बाद तीन बेटियों की जिम्मेदारी श्वेता के कंधों पर आ गई।
डीएम ने मौके पर ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2.5 लाख रुपये भवन निर्माण के लिए जारी करने के निर्देश दिए थे। साथ ही श्वेता मौर्या को निराश्रित महिला पेंशन और उनकी दो छोटी बेटियों को बाल सेवा योजना से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कराई थी, ताकि उनकी पढ़ाई कभी न रुके। हालांकि, इन सरकारी प्रयासों के बावजूद परिवार के सामने मौजूदा समय में राशन तक का संकट था। ऐसे में कारोबारी द्वारा दी गई आर्थिक मदद से परिवार को बड़ी राहत मिली है।
