दिल्ली सरकार की 21 करोड़ की योजना: 2200 मेधावी छात्रों को मिलेगी मुफ्त कोचिंग
दिल्ली सरकार ने प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी पहल की है। ‘पंडित मदन मोहन मालवीय विद्या शक्ति मिशन’ के अंतर्गत, छात्रों को विभिन्न प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस 21 करोड़ रुपये की योजना के तहत कुल 2,200 विद्यार्थियों का चयन किया गया है, जिन्हें जी, नीट, क्लैट, सीए फाउंडेशन और सीयूईटी (CUET) जैसी परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने इस योजना को छात्रों को सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह मिशन केवल शैक्षिक संसाधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों को बड़े सपने देखने का साहस और भावनात्मक मजबूती भी प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में, दिल्ली सरकार छात्रों की शैक्षणिक आकांक्षाओं को पूरा करने, उनकी मानसिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें आधुनिक सीखने के अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
चयनित छात्रों की काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 26 नवंबर से कक्षाएं विधिवत रूप से शुरू हो गई हैं। इस योजना में बालिकाओं को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। जी, नीट, क्लैट और सीए फाउंडेशन पाठ्यक्रमों में 50-50 सीटें बालिकाओं के लिए आरक्षित हैं, जबकि सीयूईटी-यूजी की 1000 सीटों में से 150 सीटें विशेष रूप से बालिकाओं के लिए सुरक्षित रखी गई हैं। कोचिंग प्रदान करने की जिम्मेदारी प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे आकाश इंस्टीट्यूट, नारायणा अकादमी, केडी कैंपस और रविंद्र इंस्टीट्यूट को सौंपी गई है। सभी कक्षाएं स्कूल के समय के बाद और सप्ताहांत में आयोजित की जाएंगी ताकि छात्रों की नियमित पढ़ाई प्रभावित न हो।
शिक्षा मंत्री ने दिल्ली के सरकारी और निजी स्कूलों से एक मजबूत मानसिक-भावनात्मक समर्थन प्रणाली विकसित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दिल्ली का कोई भी बच्चा स्वयं को अकेला या उपेक्षित महसूस न करे। इसके लिए स्कूलों में मनोवैज्ञानिक सहायता, शुरुआती तनाव की पहचान, शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण और सहकर्मी संवाद तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
मंत्री ने आगे कहा कि एआई-आधारित कक्षाएं, आधुनिक फर्नीचर, डिजिटल उपकरण और मानवीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रणाली दिल्ली सरकार की दीर्घकालिक दृष्टि का हिस्सा हैं। यह मिशन सिर्फ कोचिंग देने की एक योजना नहीं है, बल्कि यह छात्रों के सपनों को पंख देने, उन्हें सशक्त बनाने और उन्हें वास्तविक अवसरों से जोड़ने वाला एक आंदोलन है, जो भविष्य के भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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