दिल्ली की सड़कों पर खड़े पेड़ बन रहे हादसों का सबब, यातायात व्यवस्था चरमराई
दिल्ली की सड़कों पर लगे पेड़ अब यातायात व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर, विशेष रूप से पूर्वी दिल्ली के यमुनापार क्षेत्र में, सड़क के बीचों-बीच खड़े पेड़ न केवल यातायात को बाधित कर रहे हैं, बल्कि लगातार हादसों का कारण भी बन रहे हैं। वाहन चालकों का कहना है कि ये पेड़ सुरक्षित आवागमन में बड़ी बाधा उत्पन्न कर रहे हैं, जिससे जाम की समस्या और विकट हो गई है।nnसर्दी के मौसम में जब कोहरे के कारण दृश्यता और भी कम हो जाती है, तब इन पेड़ों के आसपास दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। स्थानीय निवासियों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इस गंभीर समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है। उन्होंने वन विभाग से स्वत: संज्ञान लेकर इन पेड़ों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की मांग की है। सवाल यह उठता है कि यदि इन पेड़ों के कारण कोई हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?nnवजीराबाद रोड, यमुनापार के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है। यहाँ नंद नगरी के पास हाल ही में बने फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान 27 पेड़ों को हटाया गया था, जिससे निर्माण कार्य सुगम हो सका। हालांकि, इसी फ्लाईओवर के नीचे गगन सिनेमा के पास आज भी चार पेड़ सड़क पर लगे हुए हैं। लोगों का कहना है कि इन घने पेड़ों के कारण यहाँ अंधेरा रहता है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। नंद नगरी से हर्ष विहार की ओर मुड़ते समय वाहन चालक इन पेड़ों के पास फंस जाते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है। झील खुरंजा जैसे इलाकों में भी बीच सड़क पर पेड़ लगे होने से वाहन चालक जोखिम उठाकर यात्रा कर रहे हैं।nnआनंद विहार अप्सरा बॉर्डर फ्लाईओवर पर भी ऐसी ही स्थिति थी, जहाँ फ्लाईओवर के बीच में दो पेड़ लगे होने के बावजूद उसे शुरू कर दिया गया था। ढलान पर स्थित इन पेड़ों से हादसे का खतरा बना रहता था। हालांकि, मार्च में एक बाइक सवार की मृत्यु के बाद, करीब दो महीने पहले वन विभाग से अनुमति मिलने के बाद इन पेड़ों को हटा दिया गया।nnवर्तमान में, आनंद विहार बस अड्डे के नए प्रवेश द्वार पर सड़क के बीच में सात पेड़ लगे हैं। यह स्थिति इतनी गंभीर है कि बसों का निकलना भी मुश्किल हो गया है। एक माह पहले दिल्ली के एक मंत्री ने निरीक्षण के दौरान इन पेड़ों को हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार, पेड़ों को हटाने के लिए वन विभाग से अनुमति मांगी गई है, जो अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। आनंद विहार क्षेत्र यमुनापार में प्रदूषण का एक प्रमुख हॉटस्पॉट है, और ऐसे में सड़क पर पेड़ों का होना एक विरोधाभास प्रतीत होता है। प्रशासन से आग्रह है कि वह इस मामले को गंभीरता से ले और त्वरित कार्रवाई करे।”
यातायात सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए त्वरित कार्रवाई करे।
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