दिल्ली हाई कोर्ट ने फरहान अख्तर की ‘120 बहादुर’ की रिलीज को दी हरी झंडी, विवाद का अंत
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को फरहान अख्तर की फिल्म ‘120 बहादुर’ को 21 नवंबर को रिलीज करने की मंजूरी दे दी। अदालत ने फिल्म के प्रमाणन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया, जिसमें फिल्म पर ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया था।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और न्यायमूर्ति शैल जैन की पीठ ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि फिल्म का नाम और रिलीज की तारीख बदलने में अब बहुत देर हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार, अदालत ने इस बात पर भी जोर दिया कि निर्माताओं ने फिल्म के अंत में सैनिकों के नाम का उल्लेख करने का फैसला किया है, जो एक विशेष श्रद्धांजलि होगी।
याचिका संयुक्त अहीर रेजिमेंट मोर्चा, एक धर्मार्थ ट्रस्ट और रेजांग ला की लड़ाई में शहीद हुए सैनिकों के परिवारों के सदस्यों द्वारा दायर की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि फिल्म ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करती है। याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत से कहा कि अगर फिल्म का शीर्षक नहीं बदला जाता है और सभी नाम फिल्म के अंत में जोड़े जाते हैं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
इस पर पीठ ने स्पष्ट किया कि ओटीटी रिलीज के लिए भी, केवल सैनिकों के नाम और उनकी रेजिमेंट का ही उल्लेख किया जाएगा।
यह फैसला फिल्म के निर्माताओं के लिए राहत लेकर आया है, जो रिलीज की तैयारी कर रहे थे। फिल्म को लेकर उठे विवादों के बावजूद, अदालत के इस फैसले से अब फिल्म के रिलीज का रास्ता साफ हो गया है।
फिल्म ‘120 बहादुर’ में फरहान अख्तर मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म रेजांग ला की लड़ाई पर आधारित है, जो 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान लड़ी गई थी।
अदालत के इस फैसले से फिल्म के निर्माताओं को बड़ी राहत मिली है, वहीं याचिकाकर्ताओं को भी कुछ हद तक संतुष्टि मिली है क्योंकि अदालत ने ओटीटी रिलीज में सैनिकों के नामों का उल्लेख करने का निर्देश दिया है।
यह मामला फिल्म निर्माण और ऐतिहासिक तथ्यों को प्रस्तुत करने के बीच संतुलन बनाने का एक उदाहरण है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद एक ऐसा फैसला दिया है, जिससे फिल्म की रिलीज भी सुनिश्चित हो गई और ऐतिहासिक तथ्यों को सम्मान भी मिला।
