दिलीप जायसवाल दूसरी बार बने बिहार सरकार में मंत्री, भाजपा के कद्दावर नेता
पटना: बिहार की नई एनडीए सरकार में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. दिलीप जायसवाल ने दूसरी बार मंत्री पद की शपथ ली है। विधान परिषद सदस्य (MLC) कोटे से लगातार दूसरी बार मंत्री बने जायसवाल, बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी मजबूत पकड़ रखते हैं। केंद्रीय नेतृत्व के करीबी माने जाने वाले जायसवाल का राजनीतिक अनुभव काफी लंबा है।
लगभग 63 वर्षीय डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, जिनका जन्म 3 दिसंबर 1963 को खगड़िया जिले के गोगरी में हुआ था, शिक्षा के क्षेत्र में भी अपना योगदान दे चुके हैं। उन्होंने एम.एससी, एमबीए, एम.फिल के साथ-साथ वर्ष 1998 में बीएनएम विश्वविद्यालय मधेपुरा से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। वे अत्यंत पिछड़ा वर्ग (कलवार जाति) से आते हैं और उन पर किसी भी प्रकार का आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
जायसवाल का राजनीतिक सफर एक सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर शुरू हुआ था, लेकिन वे शुरू से ही भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे। वर्ष 2009 में वे पहली बार पूर्णिया, अररिया व किशनगंज के स्थानीय प्राधिकरण क्षेत्र से विधान परिषद के सदस्य चुने गए थे। तब से लेकर अब तक, यानी लगातार तीन बार वे बिहार विधान परिषद के सदस्य के रूप में निर्वाचित हुए हैं। वर्ष 2022 में उन्होंने तीसरी बार एमएलसी के रूप में सदन में अपनी जगह बनाई।
विधान परिषद सदस्य बनने के बाद, उन्हें तत्कालीन नीतीश कुमार सरकार में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, बाद में उन्होंने इस पद से त्यागपत्र दे दिया था, जिसके उपरांत उन्हें बिहार भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। इससे पहले, वे लगभग 22 वर्षों तक बिहार भाजपा के प्रदेश कोषाध्यक्ष के पद पर भी आसीन रहे। उन्होंने सिक्किम राज्य के भाजपा प्रभारी के रूप में भी कार्यभार संभाला है।
डॉ. जायसवाल ने केंद्र की राजनीति में भी अपनी किस्मत आजमाई थी। वर्ष 2014 में उन्होंने किशनगंज लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था, लेकिन कांग्रेस के मोहम्मद असरारुल हक से उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था। अपनी राजनीतिक यात्रा के दौरान, उन्होंने शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रियता बनाए रखी है।
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