पाला पड़ने से फसलों को खतरा, कृषि अधिकारी ने दिए Crop Protection Tips
जनपद में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिसके चलते तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इसके साथ ही हवा में आर्द्रता 90 प्रतिशत से अधिक होने से पाला पड़ने की आशंका बढ़ गई है। पाला पड़ने की स्थिति में आलू, दलहनी, तिलहनी और टमाटर जैसी सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र ने किसानों को इस खतरे से आगाह करते हुए बचाव के तरीके बताए हैं। उन्होंने पटियाली के गांव बढ़ौला में किसानों से मुलाकात कर कहा कि पाला पड़ने की संभावना शाम या रात में अधिक होती है। इसलिए किसानों को अपनी फसलों को बचाने के लिए तत्काल उपाय करने चाहिए।
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि पाले से बचाव के लिए शाम के समय हल्की सिंचाई करें। सिंचाई करने से खेत का तापमान बढ़ता है और पौधे पाले के असर से सुरक्षित रहते हैं। इसके अलावा, खेत की मेड़ों पर कूड़ा-कचरा जलाकर धुआं करने से भी तापमान में वृद्धि होती है।
अन्य Crop Protection Tips में फसलों पर गंधक का छिड़काव करना, पौधे के चारों ओर मिट्टी चढ़ाना और फसल अवशेष या पुआल से पौधों को ढकना शामिल है। इन उपायों को अपनाकर किसान अपनी फसलों को पाले के नुकसान से बचा सकते हैं।
