सिर्फ 2 फोन और 2 ईमेल से खड़ा किया 1100 करोड़ का फर्जी GST साम्राज्य, कई राज्यों में फैला जाल
जीएसटी चोरी के इस बड़े मामले ने राज्यकर विभाग के अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है। अब तक की जांच में 5478.35 करोड़ रुपये के टर्नओवर पर 989.13 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की पुष्टि हुई है, जिसके 1100 करोड़ रुपये के पार जाने का अनुमान है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क सिर्फ दो मोबाइल नंबर और दो ईमेल आईडी के आधार पर खड़ा किया गया था, जिनका उपयोग सैकड़ों फर्जी फर्मों को पंजीकृत करने में हुआ। राज्यकर विभाग की एसआइबी और एसआइटी की संयुक्त टीम ने अब तक 535 फर्मों की पुष्टि की है, जिनमें से 335 का विवरण सामने आया है।
जांच में पता चला है कि ज्यादातर फर्जी फर्म ऐसे लोगों के नाम पर थीं जिन्हें अपने नाम पर जीएसटी पंजीकरण होने की जानकारी तक नहीं थी। गिरोह ने पोर्टल की खामियों का फायदा उठाकर एक ही नंबर से दर्जनों कंपनियां खड़ी कर दीं और करोड़ों रुपये का आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) पास किया। जांच एजेंसियां अब इस संगठित गिरोह के बड़े खिलाड़ियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
