वोटर लिस्ट से नाम हटाने की साजिश? पवन खेड़ा ने SIR पर उठाए गंभीर सवाल, कहा- नागरिकता पर हमला
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पवन खेड़ा ने मंगलवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी यह मुद्दा इसलिए उठा रही है क्योंकि लोगों की नागरिकता, पहचान और सम्मान पर हमला हो रहा है। खेड़ा ने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया बिना ईमानदारी के की जा रही है और इसमें पारदर्शिता की कमी है।
उन्होंने दावा किया कि चल रही SIR प्रक्रिया नए नाम जोड़ने के लिए नहीं, बल्कि नाम हटाने के लिए है। खेड़ा ने 2002 में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान हुए SIR का उदाहरण दिया, जहां कोई विवाद नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि आज विवाद इसलिए हो रहा है क्योंकि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सवालों के जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
खेड़ा ने कहा कि अब बंगाल में भाजपा भी दावा कर रही है कि SIR में कुछ गड़बड़ है, तो ऐसा कैसे हो सकता है कि बंगाल में SIR गड़बड़ है और बिहार में ठीक है। उन्होंने सवाल किया कि क्या ज्ञानेश कुमार यह तय करेंगे कि जनता वोट दे सकती है या नहीं। उन्होंने डॉ. बीआर अंबेडकर द्वारा दिए गए वोट के अधिकार को लोकतंत्र में एक ढाल और एक तलवार बताया, जिसे छीनने पर नागरिक असुरक्षित हो जाएंगे।
