सीएम योगी का सख्त निर्देश: 24 घंटे में दें मुआवजा, घायलों के इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आए भीषण आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में हुई जनहानि और नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को ‘अलर्ट मोड’ पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि आपदा प्रभावितों को राहत पहुंचाने में किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही अक्षम्य होगी।
आपदा के शिकार हुए परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई का आदेश दिया गया है। निर्देश दिया गया है कि जिन परिवारों ने अपने सदस्यों को खोया है, उन्हें 24 घंटे के भीतर अनुमन्य राहत सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। पशुहानि, फसलों के नुकसान और मकानों के क्षतिग्रस्त होने के मामलों में भी त्वरित सर्वे कर आर्थिक सहायता प्रदान करने को कहा गया है। सरकारी प्रक्रिया की जटिलताओं के कारण किसी भी पीड़ित को दफ्तरों के चक्कर न लगाना पड़े, इस पर जोर दिया गया है।
आपदा में घायल हुए लोगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग को विशेष निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल में भर्ती घायलों के इलाज में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए और उन्हें सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जाएं। जिलाधिकारियों को खुद अस्पतालों का दौरा कर घायलों की स्थिति की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासनिक चुस्ती बनाए रखने के लिए सभी जिलों के जिलाधिकारी (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को केवल दफ्तरों से निर्देश न देने, बल्कि खुद फील्ड में उतरकर राहत और बचाव कार्यों की कमान संभालने को कहा गया है। प्रशासन को जनता के बीच मौजूद रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करना होगा। बिजली आपूर्ति ठप होने और पेड़ गिरने जैसे मामलों में तत्काल कार्रवाई कर जनजीवन सामान्य बनाने पर जोर दिया गया है।
मौसम विभाग द्वारा प्रदेश के कई जिलों में अगले 24 घंटों के लिए भी तेज आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। इसे देखते हुए आपदा राहत टीमों (SDRF और PAC) को स्टैंडबाय पर रहने को कहा गया है। आम जनता से भी अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और बिजली के खंभों व पेड़ों के नीचे आश्रय न लें। शासन स्तर से राहत आयुक्त कार्यालय को पल-पल की रिपोर्ट लेने और जिलों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस तरह के प्राकृतिक आपदाओं का प्रभाव सीधे आम जनजीवन पर पड़ता है, इसलिए त्वरित और प्रभावी राहत कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
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