लखनऊ में चाइनीज मांझे का कहर, व्यापारी नेता समेत 4 लोग गंभीर घायल; पुलिस पर उठे सवाल
लखनऊ में चाइनीज मांझे से होने वाले हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों और प्रतिबंध के बावजूद, नवाबों के शहर में जानलेवा चाइनीज मांझा शनिवार शाम से रविवार तक चार लोगों को गंभीर रूप से घायल कर चुका है। इन हादसों ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें चाइनीज मांझे की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध की बात कही गई थी।
हादसों का शिकार होने वालों में यहियागंज उद्योग व्यापार मंडल के सचिव विमलेश तिवारी भी शामिल हैं। शनिवार शाम जब वह कुड़िया घाट ग्रीन कॉरिडोर से गुजर रहे थे, तभी मांझा उनकी नाक में फंसकर खिंच गया, जिससे उनकी नाक बुरी तरह कट गई और वह बाइक से गिर पड़े। इसी तरह, रविवार शाम अमीनाबाद जा रहे 12वीं के छात्र आकिब के माथे और भौं पर करीब आठ इंच लंबा गहरा कट लगा। इसके अलावा ब्लिंकिट के डिलीवरी बॉय गुड्डू और व्यवसायी मुकेश वर्मा भी इस ‘खूनी डोर’ का शिकार होकर अस्पताल पहुँचे।
इन घटनाओं से लखनऊ के निवासियों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि पतंगबाजी के शौकीन अब भी चोरी-छिपे इस खतरनाक मांझे का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो न केवल इंसानों बल्कि परिंदों के लिए भी घातक है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन द्वारा समय-समय पर अभियान चलाकर मांझा जब्त करने की खानापूर्ति तो की जाती है, लेकिन हकीकत में सड़कों पर सरेआम मौत नाच रही है। खासकर फ्लाईओवर और खुले बंधा रोड पर बाइक सवारों के लिए जान का जोखिम सबसे अधिक है।
लोग अब मांग कर रहे हैं कि केवल मांझा बेचने वालों पर ही नहीं, बल्कि इसे उड़ाने वालों पर भी हत्या के प्रयास जैसी सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज होना चाहिए, तभी इस जानलेवा प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
