छत्तीसगढ़ में हाथी का आतंक: धान की रखवाली कर रहे दंपती को कुचला
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक हाथी के हमले में एक ग्रामीण दंपती की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना प्रतापपुर वन परिक्षेत्र की है, जहाँ 25 हाथियों के दल से बिछड़े एक हाथी ने देर रात एक खलिहान में सो रहे दंपती को कुचल डाला।
सूत्रों के अनुसार, बिसाही नवापारा गांव निवासी कविलास राजवाड़े और उनकी पत्नी धनियारो शुक्रवार रात अपने खेत के पास बने खलिहान में धान की रखवाली करते हुए सोए थे। रात करीब दो बजे, एक जंगली हाथी ने खलिहान की दीवार को तोड़ दिया। दीवार टूटने की आवाज से दंपती की नींद खुली और वे जान बचाने के लिए भागने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी ने पहले कविलास राजवाड़े को अपनी सूंड से पकड़ा और पटकने के बाद कुचल दिया। इस बीच, उनकी पत्नी धनियारो ने भागकर दीवार के दूसरी ओर स्थित लकड़ी के दरवाजे को खोलने की कोशिश की, लेकिन अत्यधिक भय के कारण वह सफल नहीं हो पाई। हाथी ने उसे भी अपनी चपेट में ले लिया और कुचलकर मार डाला।
इस घटना से गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और मामले की जांच कर रहे हैं। यह घटना एक बार फिर जंगली हाथियों के मानव बस्तियों में घुसपैठ और उससे होने वाले जानमाल के नुकसान को उजागर करती है। ग्रामीणों में भय का माहौल है और वे वन विभाग से सुरक्षा की गुहार लगा रहे हैं। विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और ग्रामीणों को रात में अकेले न सोने की सलाह दी है।
