छपरा सदर अस्पताल में मारपीट: लाइन को लेकर हुआ हंगामा, सुरक्षा गार्ड भी घायल
छपरा सदर अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब टीका लगवाने के लिए लाइन में लगी महिलाओं के बीच जमकर मारपीट हुई। यह घटना अस्पताल के एमसीएच भवन स्थित स्त्री रोग विभाग के ओपीडी कक्ष संख्या पांच में दोपहर के वक्त हुई।
जानकारी के अनुसार, जब महिलाएं अपनी बारी का इंतजार कर रही थीं, तभी एक महिला अचानक कतार तोड़कर अंदर जाने लगी। वहां ड्यूटी पर तैनात आउटसोर्सिंग सुरक्षा कंपनी की गार्ड संगम देवी ने उसे रोकने का प्रयास किया। इस पर दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में हाथापाई में बदल गई। सूत्रों के अनुसार, मारपीट में सुरक्षा गार्ड संगम देवी के चेहरे पर नोचने के निशान भी आए।
विवाद बढ़ता देख अस्पताल की अन्य महिला गार्ड भी मौके पर पहुंच गईं और हंगामा होने लगा। आरोपी महिला को बाद में एमसीएच भवन के प्लास्टर कक्ष में छिपी हुई पाया गया, जहां गार्डों ने उसे घेर लिया। हालांकि, मामला अधिक बिगड़ने से पहले ही अस्पताल प्रशासन ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 और भगवान बाजार थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और मामले की जांच शुरू कर दी। आरोपी महिला, जिसकी पहचान गुदरी बाजार की अन्नू के रूप में हुई, ने पुलिस को बताया कि वह अपने निजी काम से अस्पताल आई थी, लेकिन सुरक्षा कर्मियों द्वारा रोके जाने पर उसकी बहस हो गई।
इस बीच, अस्पताल प्रशासन ने परिसर में सक्रिय बिचौलियों पर चिंता जताई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ऐसे तत्व मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी नर्सिंग होम तक ले जाने का प्रयास करते हैं, जिससे अस्पताल की व्यवस्था प्रभावित होती है।
सदर अस्पताल के डीएस डॉ. आर. एन. तिवारी ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग भी अस्पताल में मरीजों को बरगलाने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और उन्हें अस्पताल परिसर में प्रवेश करने से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बिचौलियों की मौजूदगी पर सख्ती बरती जाएगी।
इस घटना के बाद अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों और उनके परिजनों के बीच भी दहशत का माहौल देखा गया। प्रशासन ने दावा किया है कि मरीजों को सुरक्षित और निर्भय माहौल में इलाज मिले, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
