चाईबासा में जमीन विवाद में अधेड़ की हत्या, 24 घंटे में तीन आरोपी गिरफ्तार
झारखंड के चाईबासा जिले में जमीन विवाद एक बार फिर खूनी साबित हुआ है। मझगांव थाना क्षेत्र के खड़पोस गांव में एक अधेड़ फेरीवाले की निर्मम हत्या कर दी गई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के 24 घंटे के भीतर ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 22 नवंबर को दोपहर करीब 1.30 बजे मझगांव थाना क्षेत्र के खड़पोस गांव के हाटानीसाई टोला में एक झरना नदी के तट पर टीवीएस मोपेड जलाए जाने की सूचना पुलिस को मिली थी। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मझगांव थाना प्रभारी उपेन्द्र नारायण सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। खड़पोस पहुंचकर जली हुई मोपेड के संबंध में स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान पता चला कि जली हुई मोपेड खड़पोस निवासी फेरीवाले श्रीराम बिरुवा की है। इसके बाद पुलिस श्रीराम बिरुवा के घर पहुंची, तो घर बाहर से बंद मिला और अंदर टीवी चल रहा था। दरवाजे पर खून के धब्बे देखकर पुलिस को अनहोनी की आशंका हुई। वीडियोग्राफी और वैज्ञानिक तरीके से, ग्रामीण मुण्डा, स्थानीय मुखिया और गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में घर का दरवाजा खोला गया। घर के अंदर का सामान तितर-बितर था और फर्श पर भी खून के निशान पाए गए।
श्रीराम बिरुवा घर में नहीं था। वह घर में अकेला रहता था और पार्चून की दुकान चलाता था, साथ ही मोपेड से फेरी भी लगाता था। उसका पूरा परिवार ओडिशा के क्योंझर में रहता है। परिजनों को अनहोनी की सूचना दी गई और श्रीराम बिरुवा की तलाश शुरू की गई। कुछ ही देर बाद, घर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर कब्रिस्तान परिसर के अंदर मस्जिद की जमीन में झाड़ियों में छिपा हुआ, अर्द्ध नग्न अवस्था में उसका शव बरामद हुआ।
शव का विधिवत पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल चाईबासा भेज दिया गया। मृतक के पुत्र जया सिंह बिरुवा द्वारा मझगांव थाना में लिखित आवेदन दिए जाने के बाद, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जगन्नाथपुर राफेल मुर्मू ने बताया कि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जमीन विवाद के इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है, ताकि इस हत्या के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
