जनगणना 2027: देश के विकास की नींव रखेगा डेटा, मुख्य सचिव ने की समीक्षा
भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने राज्य के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इस बैठक में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना कार्य की विस्तृत समीक्षा की गई। भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण भी इस दौरान मौजूद रहे और उन्होंने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने विशेष रूप से घनी शहरी आबादी, झुग्गी बस्तियों और उच्च गतिशील आबादी वाले क्षेत्रों में पूर्ण और सटीक गणना सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने लगभग 5.5 लाख प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के लिए एक अद्यतन डिजिटल डेटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए, जिसमें उनका सत्यापित विवरण शामिल हो। यह डेटाबेस 10 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अतिरिक्त, सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के लिए अनिवार्य, समग्र और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण 16 अप्रैल से 7 मई के बीच पूरा करने का निर्देश दिया गया है। प्रशिक्षण के दौरान प्रोजेक्टर, कक्ष, जलपान और उपस्थिति जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं शासनादेश के अनुसार सुनिश्चित करने को कहा गया है। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनगणना के आंकड़े देश के विकास की योजनाओं के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करें।
