65 करोड़ के FD घोटाले में CBI raid, कानपुर-दिल्ली समेत कई शहरों में छापेमारी शुरू
वन निगम के 65 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) घोटाले की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है। बैंक ऑफ इंडिया की सदर शाखा के कर्मचारियों पर फर्जी FD बनाकर राशि हड़पने का आरोप है। सीबीआई ने बैंक अधिकारियों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया है और कानपुर, गाजियाबाद और दिल्ली में कई स्थानों पर छापेमारी की है। इस मामले में दो आरोपियों की तलाश जारी है, जिन पर फर्जी दस्तावेज से खाते खोलने का आरोप है।
सीबीआई ने वन निगम के एमडी अरविंद कुमार की शिकायत पर दस्तावेज जांचे तो कई गड़बड़ियां मिलीं। इसके बाद सीबीआई लखनऊ ने केस दर्ज किया और तीन टीमों ने जांच शुरू कर दी। इसी कड़ी में सीबीआई ने कानपुर और गाजियाबाद में पहले तीन घंटे तक छापेमारी की। शक के दायरे में आए आरोपियों के ठिकानों पर लोगों से पूछताछ की गई और कई दस्तावेज-लैपटॉप कब्जे में लिए गए। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, फर्जी खाता खुलवाकर राशि हड़पने में दीपक और मनीष नाम के दो युवकों का नाम सामने आया है।
इस बीच, लखनऊ में बैंक ऑफ बड़ौदा की शंकुतला मिश्रा विश्वविद्यालय परिसर स्थित शाखा में भी करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। यहां 60 से अधिक ग्राहकों के साथ 1.20 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी हुई है। पुलिस ने राम सिंह यादव समेत 24 खाताधारकों की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि बैंक मित्र शिवा राव और 2020 से तैनात शाखा प्रबंधकों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिये ठगी की है।
सलेमपुर पतौरा निवासी दूध कारोबारी राम सिंह ने बताया कि शिवा राव ने उनके खाते में पड़े 18 लाख 60 हजार रुपये की ठगी की थी। इसमें दस लाख की फर्जी एफडी बना दी गई, जबकि आठ लाख साठ हजार की रकम निकाल ली गई। ठगी के शिकार हुए ग्राहकों ने बैंक पहुंचकर हंगामा किया और तालाबंदी कर दी। पुलिस ने अन्य लोगों से भी अपील की है कि जिनके भी पैसे गायब हुए हैं, वह तहरीर दे सकते हैं।
