दिल्ली में बच्ची की हत्या का आरोपी कैब ड्राइवर निकला नपुंसक, 5 मामलों का इतिहास
दक्षिण दिल्ली के महरौली इलाके में 11 साल की बच्ची के अपहरण और हत्या के मामले में गिरफ्तार कैब ड्राइवर बाशु कुमार सिंह की पहचान के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह करीब 15 दिन पहले ही बिहार से दिल्ली लौटा था और सेक्स करना चाहता था। इसी इच्छा के चलते उसने परिवार के साथ सो रही बच्ची को फुटपाथ से उठा लिया।
पुलिस के अनुसार, 29 वर्षीय बाशु कुमार सिंह ने 22 जून की सुबह छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास से बच्ची का अपहरण किया। उसने सोते समय बच्ची को उठाया और अपनी कार में ले गया। आरोपी ने बच्ची को शांत कराने के लिए उसे घुमाने और घर छोड़ने का वादा किया। जब वह बच्ची को फतेहपुर बेरी के पास मंडी रोड की ओर ले जा रहा था, तब वह कार में फिर से सो गई। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने गाड़ी की पिछली सीट पर बच्ची के साथ यौन शोषण करने की कोशिश की, लेकिन नपुंसकता (इरेक्टाइल डिसफंक्शन) के कारण वह असफल रहा।
आरोपी ने बच्ची को धमकी दी कि अगर उसने शोर मचाया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसके बाद वह उसे फरीदाबाद-गुरुग्राम बॉर्डर के पास एक सुनसान जंगल वाले इलाके में ले गया, जहां उसने कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी और शव को पत्थरों के नीचे छिपा दिया। मेडिकल जांच में आरोपी के इरेक्टाइल डिसफंक्शन की पुष्टि हुई है।
यह घटना तब और भी भयावह हो जाती है जब पता चलता है कि बच्ची अपने परिवार के साथ फुटपाथ पर सो रही थी। आरोपी ने अपनी कार ठीक उनके पास खड़ी की थी और उसका पिछला दरवाजा खुला रखा था। बच्ची को उठाने से पहले वह कथित तौर पर कार की पिछली खिड़की से उसे देख रहा था। जैसे ही गाड़ी चलने लगी बच्ची की नींद खुल गई और वह चिल्लाई। उसके पिता ने कार रोकने की कोशिश की और पीछे दौड़े, लेकिन आरोपी तेजी से गाड़ी भगा ले गया।
शुरुआती जांच में पुलिस को मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि पिता को सिर्फ गाड़ी की पीली नंबर प्लेट याद थी। हालांकि, आसपास की दुकानों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और गाड़ी के रूट का पता लगाने के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंच गई। शव फेंकने के बाद आरोपी गुरुग्राम में अपने किराए के घर लौटा, कपड़े बदले और कुछ ही घंटों में कैब लेकर काम पर वापस चला गया।
बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला बाशु कुमार सिंह पांच साल से अधिक समय से दिल्ली में रह रहा था। 2023 में कैब ड्राइवर बनने से पहले वह सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ बिहार में हत्या की कोशिश सहित पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। दिल्ली पुलिस आरोपी से जुड़ी तीन बड़ी कैब एग्रीगेटर कंपनियों को नोटिस भेजकर उसके ऑनबोर्डिंग और वेरिफिकेशन प्रोसेस की जानकारी मांगेगी। उसके खिलाफ पोक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। भागने की कोशिश के दौरान एक पुलिस अधिकारी का हथियार छीनने के प्रयास में उसे गोली भी लगी थी। पुलिस जल्द ही चार्जशीट दाखिल करेगी।
