यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, Smart Meter की समस्याओं पर नियामक आयोग का फैसला जल्द
उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बिजली की नई दरें इस बार जल्दी जारी होने की संभावना है। पिछले साल नवंबर में जारी हुई दरें इस बार मई में ही आ सकती हैं। इसके साथ ही, नियामक आयोग (Regulatory Commission) smart meter से जुड़ी उपभोक्ताओं की तमाम शिकायतों पर भी अंतिम फैसला देगा। यह फैसला प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देगा।
smart meter को लेकर उपभोक्ताओं में कई तरह की शिकायतें हैं। इनमें रिचार्ज के बाद भी कनेक्शन न जुड़ना, मीटर का तेज चलना और उपभोक्ताओं की मर्जी के बिना प्रीपेड मीटर में बदलना शामिल है। नियामक आयोग इन सभी मसलों पर स्पष्ट व्यवस्था देगा। केंद्र सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य नहीं हैं, बल्कि यह उपभोक्ताओं का विकल्प है। आयोग इस स्पष्टीकरण के आधार पर फैसला लेगा।
नई दरों के साथ ही स्मार्ट प्रीपेड मीटर धारकों को मिलने वाली रियायत में भी बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल उन्हें 2 प्रतिशत की छूट मिलती है। सूत्रों के अनुसार, नई दरों में औसत बिलिंग दर (ABR) में वृद्धि हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो हर महीने बिल में जुड़कर आने वाले ईंधन अधिभार शुल्क (fuel surcharge) में कमी आ सकती है।
पिछले साल टैरिफ देर से जारी होने के कारण उपभोक्ताओं से लगभग 200 करोड़ रुपये का अधिभार शुल्क ज्यादा वसूला गया था। इस रकम की वापसी का प्रस्ताव भी आयोग के पास लंबित है। इस पर भी जल्द फैसला आने की उम्मीद है। हालांकि, बिजली कंपनियों ने 25 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है, लेकिन पिछले छह सालों से यूपी में दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस साल भी बढ़ोतरी की उम्मीद कम है।
