समस्तीपुर में पशुओं के लिए बड़ी पहल, 8 नए अस्पताल खुलेंगे; नस्ल सुधार पर जोर | Samastipur news
समस्तीपुर जिले के पशुपालकों को जल्द ही बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने वाली है। पशुपालन विभाग ने जिले में पशुओं की बढ़ती संख्या और मौजूदा सुविधाओं के बीच के अंतर को कम करने के लिए आठ नए प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय खोलने का निर्णय लिया है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और उनकी नस्ल में सुधार लाने पर केंद्रित है।
नए अस्पतालों का निर्माण जिले के आठ प्रखंडों में किया जाएगा, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। विभाग का लक्ष्य केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुओं की नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान और बांझपन निवारण जैसी आधुनिक सेवाएं भी उपलब्ध कराना है। इससे पशुपालकों को अपने पशुओं के लिए बेहतर देखभाल मिल सकेगी और पशुधन की गुणवत्ता में वृद्धि होगी।
वर्तमान में समस्तीपुर जिले में लगभग 11.45 लाख पशुओं के लिए केवल 40 पशु अस्पताल संचालित हैं। पशुओं की संख्या के अनुपात में यह सुविधा अपर्याप्त मानी जाती है, जिसके कारण पशुपालकों को अक्सर इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। नए अस्पताल खुलने से यह समस्या दूर होगी और समय पर उपचार मिलने से पशुओं की मृत्यु दर में भी कमी आएगी।
प्रत्येक नए पशु चिकित्सालय के निर्माण पर लगभग 75 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इन अस्पतालों में पशु चिकित्सक के आवास की सुविधा भी होगी, जिससे आपातकालीन स्थितियों में भी इलाज संभव हो सकेगा। जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अमन श्रीवास्तव ने बताया कि मुख्यालय को रिपोर्ट भेज दी गई है और विभाग पशुपालकों को बेहतर सुविधा देने के लिए लगातार प्रयासरत है।
नए पशु चिकित्सालय डढ़िया बेलार (कर्पूरीग्राम पंचायत), पांड, साहिट, सैदपुर, खानपुर उत्तरी, मोहिउद्दीनपुर, चौरा टभका और दुधपुरा पंचायत में बनाए जाएंगे।
