भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, निवेशकों के डूबे सात लाख करोड़ रुपये | business news
सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। बिकवाली के दबाव के चलते बाजार में लगातार चौथे सत्र में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स में 1250 अंकों से अधिक की भारी गिरावट आ गई थी, हालांकि सत्र के अंत में बाजार में कुछ रिकवरी जरूर देखने को मिली, लेकिन तब तक निवेशकों की पूंजी से करीब 7 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो चुके थे। बीएसई का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन जो पिछले सत्र में 458 लाख करोड़ रुपये पर था, वह घटकर 451 लाख करोड़ रुपये के आसपास आ गया।
किन कारणों से गिरा बाजार
बाजार में इस भारी बिकवाली के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण रहे। पहला बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल है, जो बढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। सऊदी अरब पर हुए हमलों के बाद भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से ऊर्जा संकट गहराने की आशंका पैदा हो गई है। दूसरा कारण विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली है, जिससे घरेलू बाजार का सेंटिमेंट कमजोर हुआ है। तीसरा और सबसे प्रमुख कारण मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में जबरदस्त प्रॉफिट बुकिंग और बिकवाली रही, जहां कई प्रमुख कंपनियों के शेयर 17 प्रतिशत तक टूट गए।
मिडकैप और स्मॉलकैप में सबसे ज्यादा असर
शुक्रवार के कारोबार में सबसे ज्यादा मार मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर पड़ी। बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स और बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स में दो से तीन प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। जम्मू एंड कश्मीर बैंक और स्विगी जैसे चर्चित शेयरों में 16 से 17 प्रतिशत तक की बड़ी टूट देखने को मिली। जानकारों का मानना है कि इस तरह के उतार-चढ़ाव भरे माहौल में खुदरा निवेशकों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है और किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लेनी चाहिए।
