बिहार में Fertilizer Scam पर बड़ी कार्रवाई, 34 FIR दर्ज, 88 लाइसेंस रद्द; कृषि मंत्री ने दिया सख्त संदेश
बिहार में रबी सीजन के दौरान किसानों को उर्वरक की कमी न हो, इसके लिए राज्य सरकार ने कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने जानकारी दी कि उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि 27 दिसंबर तक राज्य भर में 34 उर्वरक प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। इसके अलावा, नियमों का उल्लंघन करने वाले 88 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि हेराफेरी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि अब काम केवल फाइलों में नहीं, बल्कि सीधे खेतों में होगा। उन्होंने बताया कि उर्वरक की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। राज्य से लेकर जिला और प्रखंड स्तर तक प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।
इस अभियान के तहत ‘जीरो ऑफिस-डे’ की शुरुआत की गई है, जिसके अंतर्गत कृषि विभाग के सभी पदाधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जाकर उर्वरक प्रतिष्ठानों की गहन जांच और वितरण व्यवस्था का स्थल निरीक्षण करेंगे। मंत्री ने चेतावनी दी कि किसानों को लूटने का दुस्साहस करने वाला कानून से बच नहीं पाएगा।
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