बोकारो इस्पात संयंत्र में 135 नए कर्मियों की नियुक्ति, उत्पादन और चिकित्सा सेवा को मिलेगी मजबूती
महारत्न कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की प्रमुख इकाई बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) में नए साल 2026 की पहली तिमाही तक 135 नए कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी। सेल मुख्यालय, नई दिल्ली से प्राप्त निर्देशानुसार, इस भर्ती प्रक्रिया का शुभारंभ कर दिया गया है, जिससे संयंत्र की मानव संसाधन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
यह नियुक्ति अभियान संयंत्र के उत्पादन लक्ष्यों को प्राप्त करने और चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत, बोकारो इस्पात संयंत्र में प्रबंध प्रशिक्षु (तकनीकी) के पद पर कुल 124 अभियंताओं की बहाली की जाएगी। साथ ही, बोकारो जनरल अस्पताल और झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस के अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से अनुबंध के आधार पर दस नए चिकित्सकों का चयन किया जाएगा। इन चिकित्सकों के चयन की प्रक्रिया जनवरी माह के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है। साक्षात्कार की प्रक्रिया 6 दिसंबर 2025 को बोकारो जनरल अस्पताल के ईडी मेडिकल सम्मेलन कक्ष में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, बोकारो इस्पात संयंत्र के जैविक उद्यान में वन्यजीवों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए एक पशु चिकित्सक की भी अनुबंध के आधार पर नियुक्ति की जाएगी। सेल प्रबंधन का यह निर्णय चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही में उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने के साथ-साथ मानव संसाधन संतुलन बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सेल प्रबंधन द्वारा लिए गए इस फैसले से संयंत्र में लंबे समय से चली आ रही मैनपावर की कमी से जूझ रहे स्थानीय प्रबंधन को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, विभागीय कार्यप्रणाली को उन्नत करने और संभावित कार्य दुर्घटनाओं को रोकने के लिए, अब केवल तकनीकी रूप से दक्ष ठेका श्रमिकों की ही बहाली पर जोर दिया जाएगा। ठेका श्रमिकों की नियुक्ति से पूर्व उनके अनुभव और शैक्षणिक योग्यता का गहन मूल्यांकन किया जाएगा, जिसके बाद ही उन्हें गेट पास जारी किया जाएगा। इस प्रक्रिया में शारीरिक फिटनेस का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए सुरक्षा, कार्मिक और अन्य विभागों के अधिकारियों की एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है, जिसमें बोकारो जनरल अस्पताल के चिकित्सक भी शामिल होंगे। इस नए नियम से उन ठेकेदारों, श्रमिक नेताओं या अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा जो व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए अनधिकृत तरीके से किसी भी व्यक्ति का गेट पास बनवा देते थे।
