बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम, झारखंड में बदलेगा मौसम, बढ़ेगी ठंड
बंगाल की खाड़ी में एक बार फिर मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 22 नवंबर से बंगाल की दक्षिण-पश्चिमी खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) सक्रिय होने की प्रबल संभावना है। यदि समुद्री परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो यह प्रणाली 24 नवंबर तक और अधिक सक्रिय होकर डिप्रेशन का रूप धारण कर सकती है।
आगे चलकर यह डीप डिप्रेशन और संभावित चक्रवात में भी बदल सकती है, हालांकि मौसम विभाग ने अभी चक्रवात बनने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। समुद्र में तेज हवाएं चलने और बादलों की मात्रा बढ़ने के संकेत मिलने लगे हैं।
इस मौसमीय बदलाव का सबसे अधिक प्रभाव दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों पर पड़ने की आशंका है। 26 नवंबर तक तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और आसपास के इलाकों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। इसके मद्देनजर, समुद्री इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी जा सकती है।
इस बीच, झारखंड पर भी इस सिस्टम का अप्रत्यक्ष असर पड़ेगा। धनबाद और आसपास के जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा, लेकिन बारिश की संभावना बहुत कम है। पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी झारखंड के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि राज्य के अधिकांश हिस्सों में केवल बादल छाए रहेंगे।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, हिमालय की ओर से आने वाली सर्द हवाएं और बंगाल की खाड़ी से उठने वाले नमी युक्त बादल आपस में मिलकर झारखंड के कई क्षेत्रों में घना कोहरा पैदा कर सकते हैं। अनुमान है कि 23 से 26 नवंबर के बीच बादल छाए रहने के कारण दिन के तापमान में गिरावट आएगी और ठंडक का एहसास बढ़ेगा। रात का न्यूनतम तापमान 15 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
रात में भले ही ठंड पहले की तुलना में कुछ कम महसूस हो, लेकिन दिन में ठंडी हवाओं और बादलों के कारण मौसम सर्द बना रहेगा। कुल मिलाकर, झारखंड में बारिश की संभावना कम है, लेकिन सर्दी और बादलों का प्रभाव अधिक महसूस होगा।
