BJP नेताओं के लखनऊ आगमन पर रोक, मतदाता पुनरीक्षण के लिए ‘वार रूम’ सक्रिय
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में छह फरवरी तक सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के लखनऊ आने पर रोक लगा दी गई है। इस दौरान, विधानसभा और विधान परिषद की सभी कमेटियों की बैठकें और दौरे भी स्थगित कर दिए गए हैं। यह कदम गहन मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को सफल बनाने के लिए उठाया गया है।
एसआईआर अभियान की अंतिम तिथि छह फरवरी है, जिसके मद्देनजर पार्टी ने यह रणनीति अपनाई है। प्रदेश मुख्यालय पर एसआईआर के लिए एक विशेष ‘वार रूम’ स्थापित किया गया है, जहाँ पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों की एक टीम लगातार काम कर रही है। इस ‘वार रूम’ से प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों की प्रगति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
पार्टी के महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह स्वयं इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं। जिन विधानसभा क्षेत्रों में नए मतदाता बनाने की गति धीमी है, वहां के विधायकों और संभावित दावेदारों को सीधे निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे अपने क्षेत्र में ही रुकें और कार्यकर्ताओं से नियमित रिपोर्ट लें। बुधवार को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एसआईआर की समीक्षा की गई।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में नए मतदाता बनाने के काम में तेजी आई है और अब तक प्रदेश में 36 लाख से अधिक नए मतदाता जोड़े जा चुके हैं। यह निर्णय सार्वजनिक हित में लिया गया है ताकि मतदाता सूची को अधिक समावेशी और अद्यतन बनाया जा सके।
