ब्लैक फ्राइडे सेल में साइबर ठगी का खतरा, विशेषज्ञ दे रहे हैं बचाव के उपाय
दुनियाभर में थैंक्सगिविंग के अगले दिन मनाए जाने वाले ब्लैक फ्राइडे सेल का आगाज हो चुका है। इस दौरान मिलने वाली भारी छूट और आकर्षक ऑफर्स के कारण बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन खरीदारी करते हैं। लेकिन, यह समय साइबर ठगों के लिए भी सबसे अधिक सक्रिय रहने का होता है। विशेषज्ञों ने उपभोक्ताओं को ऑनलाइन खरीदारी के दौरान अत्यधिक सावधानी बरतने की चेतावनी दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ब्लैक फ्राइडे सेल का फायदा उठाकर ठग असली वेबसाइटों जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइटें तैयार कर लेते हैं। इन नकली वेबसाइटों के URL अक्सर अजीब होते हैं या वेबसाइट के नाम में मामूली अंतर हो सकता है। यदि कोई लिंक आपको किसी अनजान डोमेन पर ले जाता है, तो तुरंत उस टैब को बंद कर देना चाहिए। इसके अलावा, यदि किसी वेबसाइट पर भरोसेमंद ग्राहक सहायता (कस्टमर सपोर्ट) या सही जानकारी का अभाव है, तो यह एक बड़े खतरे का संकेत हो सकता है।
ऑनलाइन खातों की सुरक्षा को मजबूत करने का एक प्रभावी तरीका मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) का उपयोग करना है। विशेषज्ञों का कहना है कि MFA के माध्यम से साइबर अपराधी केवल पासवर्ड जानकर आपके खाते तक नहीं पहुँच सकते। यह सुरक्षा की एक अतिरिक्त और बहुत कारगर परत प्रदान करता है।
ब्लैक फ्राइडे के दौरान फर्जी ईमेल और लिंक का प्रचलन भी बढ़ जाता है। इन ईमेल्स में अक्सर नकली गिवअवे, विशेष ऑफर या सर्वे के नाम पर लिंक भेजे जाते हैं। ऐसे किसी भी लिंक पर क्लिक करने से आपकी निजी जानकारी या बैंक संबंधी विवरण चोरी हो सकता है। इसलिए, किसी भी अनजान ईमेल पर भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है।
साइबर अपराधी सिस्टम की छोटी-छोटी कमजोरियों का फायदा उठाते हैं। यही कारण है कि अपने मोबाइल फोन और लैपटॉप को हमेशा अपडेट रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि सॉफ्टवेयर अपडेट में अक्सर सुरक्षा सुधार शामिल होते हैं। यदि आपको कोई संदिग्ध ऑफर दिखाई दे या आपके किसी जानने वाले के साथ ऐसी कोई ठगी हुई हो, तो तत्काल साइबर एजेंसियों को इसकी सूचना दें और सबूत इकट्ठा करें। साथ ही, अपने परिवार और दोस्तों को भी इन ऑनलाइन खतरों के प्रति जागरूक करें ताकि वे भी सुरक्षित रह सकें।
जागरूकता और सतर्कता ही इन डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।
